Bokaro News : सेल ने जोजिला सुरंग परियोजना में 31,000 टन से अधिक स्टील की आपूर्ति की

Bokaro News : निर्माणाधीन है जोजिला सुरंग परियोजना, प्रोजेक्ट के 2027 तक पूरा होने की उम्मीद, इस्पात उत्पादक महारत्न कंपनी सेल की इकाइयां लगातार स्टील सप्लाई कर रही है.

बोकारो, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ‘जोजिला सुरंग परियोजना’ में महत्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका में है. सेल सहित बोकारो स्टील प्लांट बीएसएल सहित भिलाई, बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट, दुर्गापुर स्टील प्लांट व राउरकेला स्टील प्लांट ने इस परियोजना में 31,000 टन से ज्यादा स्टील दिया है, जिसमें टीएमटी री-बार, स्ट्रक्चरल स्टील व प्लेट्स शामिल हैं. उल्लेखनीय है कि जोजिला सुरंग परियोजना अभी निर्माणाधीन है, यह प्रोजेक्ट के 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक महारत्न कंपनी सेल की इकाईयां लगातार स्टील सप्लाई कर रही है, जो कंपनी की अटूट प्रतिबद्धता को दिखाता है. इस्पात मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है.

सुरंग से आम लोगों व सेना दोनों के लिए आना-जाना होगा आसान

जोजिला सुरंग 11,578 फीट की ऊंचाई पर हिमालय के मुश्किल पहाड़ों में बनायी जा रही है. यह 30 किलोमीटर से भी अधिक लंबी सुरंग है. यह द्रास और कारगिल होते हुए श्रीनगर और लेह के बीच पूरे साल आवाजाही को आसान बनायेगी. सुरंग भारत के राष्ट्रीय अवसंरचना विकास, विशेष रूप से श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है. जोजिला सुरंग से इलाके में आम लोगों और सेना दोनों के लिए आना-जाना बहुत आसान हो जायेगा. दरअसल, यह परियोजना केवल एक रणनीतिक ढांचागत सुविधा ही नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर भी है. जोजिला सुरंग जैसी बड़ी परियोजनाओं में सेल-बीएसएल का योगदान देश के निर्माण में उसकी भूमिका को और मजबूत करता है.

दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज में बीएसएल का फौलादी स्टील है लगा

सेल-बीएसएल की जोजिला सुरंग के लिए स्टील की आपूर्ति, भारत की कई और प्रतिष्ठित ढांचागत परियोजनाओं, जैसे चिनाब रेलवे पुल, अटल सुरंग, बांद्रा-वर्ली सी लिंक, ढोला सादिया और बोगीबील पुलों को बनाने में योगदान देने की कंपनी की लंबी विरासत को और मजबूत करता है. जम्मू-कश्मीर में बने दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज में बीएसएल का फौलादी स्टील लगा है. बीएसएल सहित सेल के अन्य संयंत्रों ने चिनाब रेलवे ब्रिज के के लिए 16,000 टन स्टील की आपूर्ति की है. फ्रांस के एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज में टीएमटी उत्पाद, स्ट्रक्चरल स्टील, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट, स्टील प्लेट्स व चेकर्ड प्लेट की आपूर्ति हुई है.

विकास कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा बीएसएल

बीएसएल ने बांद्रा-वर्ली सी-लिंक के साथ मुंबई में अटल सेतु, अरुणाचल में सेला सुरंग, हिमाचल में अटल सुरंग व राष्ट्रीय महत्व की कई अन्य प्रोजेक्ट्स के निर्माण में फौलादी स्टील की आपूर्ति की है. बीएसएल देश में होने वाले विकास कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. जब भी बड़े पैमाने पर पुल व बांधों का निर्माण होता है, तब बीएसएल सहित सेल का लोहा-स्टील इस्तेमाल किया जाता है. देश की सामरिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बीएसएल डीएमआर 249ए ग्रेड स्टील का उत्पादन लंबे अर्से से कर रहा है. इसका उपयोग आइएनएस विक्रांत, आइएनएस विंद्यागिरी, आइएनएस महेंद्रगिरी आदि युद्धपोतों में किया गया है. मौसम प्रतिरोधक सेल कोर-ए ग्रेड इस्पात सहित अन्य इस्पात का निर्माण हो रहा है.

आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिये अपने प्रोडक्ट बास्केट में स्पेशल ग्रेड स्टील्स का अधिकाधिक समावेश करना है : निदेशक प्रभारी

बीएसएल निदेशक प्रभारी बीके तिवारी ने कहा कि बोकारो स्टील भारत में विश्व स्तरीय फ्लैट स्टील के लिए वन-स्टॉप-शॉप बनने की दिशा में अग्रसर है. भारत सरकार की राष्ट्रीय इस्पात नीति के अनुरूप सेल और बोकारो स्टील प्लांट अपनी विस्तारीकरण के अगले चरण के लिए तैयार है. आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण योजनाओं का उद्देश्य इस्पात उत्पादन क्षमता में वृद्धि करने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिये अपने प्रोडक्ट बास्केट में स्पेशल ग्रेड स्टील्स का अधिकाधिक समावेश करना है.

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