Bokaro News : झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान व अधिकार दिलाना प्राथमिकता : योगेंद्र प्रसाद

Bokaro News : पेटरवार प्रखंड कार्यालय में सम्मान समारोह का किया गया आयोजन, भगवान बिरसा मुंडा को दी गयी श्रद्धांजलि.

पेटरवार, राज्य के पेयजल व स्वच्छता एवं उत्पाद व मद्य निषेध विभाग के मंत्री मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने पेटरवार प्रखंड मुख्यालय में झारखंड स्थापना दिवस के रजत जयंती के अवसर पर रविवार को पेटरवार प्रखंड कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य रूप से शामिल हुए. मंत्री ने पेटरवार प्रखंड के कई झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित किया व उन्हें प्रमाण पत्र दिया.

मंत्री ने कहा कि अलग राज्य निर्माण में योगदान देने वाले प्रत्येक आंदोलनकारी को पूर्ण मान-सम्मान और उनके अधिकार दिलाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है. झारखंड राज्य की प्राप्ति हमारे आंदोलनकारियों के संघर्ष, बलिदान, योगदान और अथक समर्पण का परिणाम है. हम सभी आंदोलनकारियों को नमन करते हैं. मंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गयी. मौके बीडीओ संतोष कुमार महतो, सीओ अशोक राम, झामुमो जिला अध्यक्ष रतन मांझी, जिला सचिव मुकेश कुमार महतो, केंद्रीय सदस्य मनोहर मुर्मू, प्रखंड अध्यक्ष कृष्ण महतो, शक्तिधर महतो सहित काफी संख्या में झारखंड आंदोलन कारी उपस्थित थे.

मंत्री को सौंपा मांग पत्र

कार्यक्रम में मंत्री को झारखंड आंदोलनकारियों ने एक मांग पत्र सौंपा. समारोह में जेल जाने वाले वरिष्ठ और आंदोलनकारियों को आमंत्रित नहीं किए जाने पर जिला प्रशासन के अधिकारियों के प्रति आंदोलनकारियों ने नाराजगी भी व्यक्त की. शामिल झारखंड आंदोलनकारियों ने कहा कि जब भी आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाये जेल जाने वाले वरिष्ठ आंदोलनकारियों को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए. सम्मानित होने वाले आंदोलनकारियों को सिर्फ सम्मान पत्र ही नहीं प्रतिमाह 10 हजार रुपये सम्मान राशि, मेडिकल कार्ड और नियोजन की गारंटी भी मिले. झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा से जुड़े भुवनेश्वर केवट, इंद्रदेव सिंह, राजेश गिरी और गुजर सिंह ने मंत्री को एक मांग पत्र सौंपा गया. जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी झारखंड आंदोलनकारियों को प्रतिमाह 25000 रुपये सम्मान राशि देने, चिकित्सा सुविधा के लिए सालाना 15 लाख रुपये का गुरु जी मेडिकल कार्ड जारी करने, आश्रितों के नियोजन में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की जगह सीधी नियुक्ति की गारंटी करने, अलग-अलग नियमावली और संकल्प पत्र के बजाये सभी को 2015 से सम्मान राशि एवं अन्य लाभ सुनिश्चित करने आदि मांगें मुख्य रूप से शामिल है.

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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