Bokaro News : सीता स्वयंवर की कथा सुन भावविभोर हुए लोग

Bokaro News : पेटरवार में श्री गणेश पूजनोत्सव के दूसरे दिन आकर्षक झांकियों ने मोहा मन, कथा सुनने के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़.

पेटरवार, पेटरवार के खत्री मुहल्ला स्थित रुकाम रोड काली मंदिर के निकट आयोजित पांच दिवसीय श्री गणेश महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार की रात्रि में काशी विश्वनाथ से आये आचार्य महेंद्र शास्त्री महाराज ने श्री रामचरितमानस का पाठ किया. आचार्य ने रामायण के सीता स्वयंवर के प्रसंग में रामायण के तहत होने वाली घटनाओं को लोगों के बीच में जीवंत किया. इसे सुनकर लोग भावविभोर हो उठे. आचार्य ने बताया कि राजा जनक ने पुत्री सीता के विवाह के लिए सीता-स्वयंवर का आयोजन कर कई राजा-महाराजाओं को आमंत्रित किया. जब धनुष में प्रत्युंचा चढ़ाने की बात आयी, तो सारे बलशाली राजा-महाराजा ने एक-एक करके प्रयास किया, लेकिन कोई भी धनुष-बाण को हिला नहीं सका. अंत में राजा जनक का सब्र का बांध टूट पड़ा और सभी राजाओं को उन्होंने धिकारते हुए कहा कि लगता है कि यह धरती वीरों से विहीन हो गयी है. तभी अयोध्या के राजकुमार लक्ष्मण जी उठकर क्रोध से लाल होते हुए कहा अपनी वाणी पर लगाम दीजिए यह धरती वीरों से खाली नहीं है और राजा जनक को खरी- खोटी सुनाए. तभी मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम आगे आते हैं और लक्ष्मण को समझाते हुए कहते हैं की लक्ष्मण अपने से बड़ों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए. हम अपने गुरुवर विश्वामित्र के साथ में यहां उपस्थित हुए हैं. श्री राम ने कहा अच्छा लक्ष्मण अब अपने क्रोध को शांत करो और यदि गुरुवर की आज्ञा हो तो मैं धनुष में प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास करूंगा. तभी गुरु विश्वामित्र आज्ञा देते हैं और भगवान श्री राम भगवान शिव के शिव धनुष को बाएं हाथ से बहुत ही सहज भाव से उठाते हैं और जैसे प्रत्यंचा चढ़ाते हैं, तभी धनुष टूट जाती है. चारों ओर श्री राम का जय-जयकार होने लगता है फूलों की वर्षा होने लगती है, जितने भी राजा महाराज वहां उपस्थित हुए थे, सभी श्रीराम का जयघोष करने लगते हैं. यहीं पर आचार्य श्री महेंद्र शास्त्री जी महाराज ने कथा को विश्राम दिये. फिर आगे श्री राम सीता विवाह संपन्न होगी. मुख्य अतिथि बुंडू पंचायत की मुखिया निहारिका सुकृति ने मत्था टेका. श्री राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, महादेव आदि की सुंदर झांकियां सभी श्रद्धालु भक्तों को आनंद विभोर किया. पूजा समिति के संरक्षक परमेश्वर अग्रवाल ने सभी बरातियों के बीच प्रसाद के वितरण की घोषणा की. भक्त विजेंद्र कुमार साव (बिट्टू) व मोनू विश्वकर्मा के साझे सहयोग से महाप्रसाद का वितरण किया गया. आरती व प्रसाद वितरण के बाद कथा को विश्राम किया गया. इससे पहले स्वागत समारोह में लोकप्रिय व विख्यात जादूगर जमुना दास ने अपने तिलिस्मी खजाने से निकाल कर लोगों के बीच में जादू की लड़कियां निकाल कर सभी को अंचभित कर दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >