कसमार, झारखंड प्रदेश रसोइया-संयोजिका संघ की कसमार इकाई की बैठक शनिवार को कसमार बाजारटांड़ में हुई. अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष सारो मंडल ने की. रसोइया और संयोजिका कर्मियों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी और एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया. मुख्य अतिथि भाकपा माले के कसमार प्रखंड सचिव शकुर अंसारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी यह माना है कि कच्चे मजदूरों को पक्का किया जाना चाहिए और उन्हें न्यूनतम मजदूरी मिलनी चाहिये. उन्होंने कहा कि रसोइया और संयोजिका कर्मी वर्षों से स्कूलों में अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखा गया है. उन्होंने आश्वस्त किया कि भाकपा माले रसोइया और संयोजिका कर्मियों की हर जायज मांग और संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है. बैठक में न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, वर्ष में दो साड़ी उपलब्ध कराने, स्थायी नियमावली बनने तक 60 वर्ष की अनिवार्य सेवानिवृत्ति लागू नहीं करने, सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ देने, विद्यालयों में रसोइया की तर्ज पर संयोजिका और अध्यक्ष को भी मानदेय देने, पेंशन योजना लागू करने तथा कार्य के दौरान चोट लगने, जलने या दुर्घटना की स्थिति में इलाज की समुचित सुविधा उपलब्ध कराने जैसी प्रमुख मांगें उठाई गयी. बैठक में मृत्युंजय महतो, रजनी देवी, गुड़िया देवी, रेखा देवी, कल्पना देवी, रेनुका देवी, झालो देवी, सरीता देवी, प्रमिला देवी, उर्मिला देवी, कौशल्या देवी, प्रभा देवी, दुखनी देवी सहित बड़ी संख्या में रसोइया और संयोजिका कर्मी मौजूद थीं. बैठक के अंत में मांगों को लेकर आंदोलनात्मक कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने पर भी सहमति बनी.
Bokaro News: रसोइया-संयोजिका के हक की लड़ाई में माले साथ : सचिव
Bokaro News: न्यूनतम मजदूरी व पेंशन सहित विभिन्न मांगों को लेकर रसोइया-संयोजिका संघ की कसमार में बैठक.
