Bokaro News : बाबूलाल मरांडी के आश्वासन पर मुखिया संघ का बेमियादी धरना खत्म

Bokaro News : विधानसभा में मुखियाओं की समस्याओं को उठाने का दिया आश्वासन, बोले अमर बाउरी : सरकार और प्रशासन असंवेदनशील.

चंदनकियारी, चंदनकियारी प्रखंड परिसर के प्रांगण में नौ सूत्री मांगों के समर्थन में मुखिया संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे पंचायत प्रतिनिधियों से शुक्रवार को पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने मुलाकात की. संघ नेता से प्रतिपक्ष झारखंड, बाबूलाल मरांडी से फोन पर बात करवाया. श्री मरांडी ने मुखिया की समस्याओं को विधानसभा में प्रमुखता से उठने का आश्वासन दिया. इसके बाद मुखिया संघ ने अपने अनिश्चितकालीन धरना को समाप्त कर दिया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह समस्या पूरे राज्य की समस्या है. इधर, श्री बाउरी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 का 15 वें वित्त आयोग का फंड ना मिलने के कारण त्रिस्तरीय पंचायत के प्रतिनिधि जनता की समस्या का समाधान ना कर पाने की स्थिति में विवश होकर मुखिया संघ धरना पर बैठे थे. छह वर्षों में राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधि के लिए कुछ नहीं किया है. भाजपा मुखिया संघ के इस लड़ाई में उनके साथ है. रघुवर सरकार में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की फंड की कमी नहीं हुई थी. झारखंड सरकार और प्रशासन असंवेदनशील है. 11 दिनों से चंदनकियारी के पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा दिये जा रहे धरना को लेकर ना स्थानीय जनप्रतिनिधि व ना प्रशासन ने सुध ली. उन्होंने फोन पर उपायुक्त से पूछा कि मुखिया संघ के धरना के दौरान जिला प्रशासन के किसी भी प्रतिनिधि ने मुलाकात क्यों नही की, जिस पर उपायुक्त ने बताया कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में व्यस्त थे. वही उपायुक्त ने 29 नवंबर को मुखिया संघ को मिलने का समय दिया है. मुखिया संघ की मुख्य मांगों में दो वित्तीय वर्ष का 15वें वित्त आयोग का फंड आवंटन, राज्य वित्त आयोग को फंड आवंटन, आवास योजना में मुखिया का हस्ताक्षर अनिवार्य करने, 30 लाख का बीमा, केरल राज्य की तर्ज पर मानदेय, सरकार आपके द्वार का खर्च मुखिया को देने व डीएमएफटी फंड का अधिकार पंचायत को देने सहित अन्य मांग शामिल है.

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By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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