बोकारो, बोकारो इस्पात संयंत्र में एक समावेशी, सुरक्षित और उत्पीड़न मुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण व जागरूकता पहल ‘निष्ठा’ के अंतर्गत तृतीय व चतुर्थ कार्यशालाओं का आयोजन हुआ. तीसरी कार्यशाला एसएमएस जोन में हुई. शुरुआत मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-II एवं सीसीएस) दीप कुमार सक्सेना व महाप्रबंधक (एसएमएस-II एवं सीसीएस) टीपी वर्मा द्वारा किया गया. मुख्य महाप्रबंधक श्री सक्सेना ने कहा कि बीएसएल को एक समावेशी कार्यस्थल बनाना प्रत्येक कर्मचारी की साझा जिम्मेदारी है. इस सत्र में महाप्रबंधक (एसएमएस-I) अशोक मुंडू भी विशेष रूप से उपस्थित थे. शॉप्स, अनुरक्षण व सेवा क्षेत्र में चौथी कार्यशाला हुई. उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक (केंद्रीय अनुरक्षण-यांत्रिकी) प्रकाश कुमार द्वारा किया गया. संचालन सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन) शिप्रा एन हेंब्रम व वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुष्मिता सोरेन ने किया. कार्यशाला के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के प्रावधानों सहित मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, शिशु देखभाल अवकाश व लघु परिवार योजना जैसी कंपनी की महत्वपूर्ण नीतियों पर विस्तृत चर्चा की गयी. वक्ताओं ने महिला कर्मियों के कल्याण के लिए शॉर्टर वर्किंग पीरियड स्कीम व अन्य करियर विकास संबंधी पहल की जानकारी दी. महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने वाले सखी पोर्टल और महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम जैसी विशिष्ट योजनाओं के बारे में बताया गया. सत्र के अंत में चर्चा किये गये विषयों पर आधारित क्विज का आयोजन हुआ. बीएसएल में कर्मियों के अधिकारों, जिम्मेदारियों व कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम है. कार्यशाला संयंत्र में एक सुरक्षित व सहायक कार्य संस्कृति के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी, जो न केवल महिला कर्मियों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि सशक्त और समावेशी संगठन के रूप में बीएसएल की प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करती है.
Bokaro News: बीएसएल को समावेशी कार्यस्थल बनाना हर कर्मचारी की साझा जिम्मेदारी : सीजीएम
Bokaro News: कार्यशाला में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के प्रावधान पर की गयी चर्चा.
