बोकारो, देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक और महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित आईएनएस अंजदीप के लिए जरूरत की पूरी मात्रा की स्पेशल ग्रेड स्टील की आपूर्ति की है. आईएनएस अंजदीप भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है. यह तीसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट कार्वेट है. इससे पहले पिछले साल आईएनएस अरनाला व आईएनएस एंड्रोथ भी शामिल किये जा चुके हैं.
बोकारो, भिलाई व राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों से स्टील की आपूर्ति
नौसेना के पुराने होते ‘अभय-श्रेणी’ के जहाजों को बदलने के लिए कार्वेट का निर्माण स्वदेशी रूप से किया जा रहा है. इस रणनीतिक प्रयास में योगदान देते हुए सेल ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड द्वारा बनाये जा रहे आठ कार्वेट के लिए लगभग 3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी मात्रा की आपूर्ति की है. इस स्टील की आपूर्ति सेल के बोकारो, भिलाई व राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों से की गयी है, जो देश की डोमेस्टिक सप्लाई चेन की मजबूती को रेखांकित करता है.
आईएनएस विक्रांत, उदयगिरि, नीलगिरी, सूरत जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में की गयी है स्टील की आपूर्ति
यह उपलब्धि रक्षा विनिर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने के प्रति सेल की प्रतिबद्धता को उजागर करती है. पिछले कुछ वर्षों में सेल ने रक्षा स्वदेशीकरण में देश की विशेष-ग्रेड स्टील की जरूरतों को लगातार पूरा किया है और आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि, आईएनएस नीलगिरी, आईएनएस सूरत जैसी अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए स्टील की आपूर्ति की है. टीम बीएसएल उत्साहित है.
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