Bokaro News : हिंदुस्तान पुल व तेलमच्चो पुल घाट को बनाया जायेगा मॉडर्न

Bokaro News : जिला गंगा समिति की बैठक में लिया गया निर्णय, जल स्त्रोत व नदियों की मैपिंग कर हटेगा अतिक्रमण.

बोकारो, फुसरो व पिछरी को जोड़ने वाली दामोदर नद पर निर्मित हिंदुस्तान पुल और चास व धनबाद को जोड़ने वाले तेलमच्चो पुल के घाट को चैती छठ के पहले मॉडर्न घाट के रूप में विकसित किया जायेगा. इन घाट पर छठ के दौरान विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. यह फैसला जिला गंगा समिति की बैठक में लिया गया. शुक्रवार की देर शाम उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई. डीसी श्री झा ने दोनों चास व बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी को इस बाबत जिला को प्रस्ताव समर्पित करने को कहा. डीसी ने कहा कि तेलमच्चो व हिन्दुस्तान पुल घाट को मॉडर्न छठ घाट के रूप में विकसित किया जाये, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिले. घाट सुरक्षित व स्वच्छ बने रहें. उपायुक्त ने कहा कि छठ केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति व स्वाभिमान का प्रतीक है. स्वच्छ व सुरक्षित घाट हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल स्रोतों की स्वच्छता व सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने कहा कि दामोदर और गरगा केवल नदियां नहीं, बल्कि बोकारो की जीवनरेखा हैं. इनकी रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.

एसडीओ चास-बेरमो व बीडीओ-सीओ को समिति में आमंत्रित सदस्य बनायें

उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय स्तर पर समन्वय व निगरानी बेहतर करने के लिए एसडीओ चास, एसडीओ बेरमो समेत संबंधित बीडीओ और सीओ को जिला गंगा समिति का आमंत्रित सदस्य बनाने का जिला नोडल पदाधिकारी को निर्देश दिया. कहा कि इन अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण, नदी सफाई व घाट निर्माण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी.

नदियों-जल श्रोतों में गंदे पानी का प्रवाह रोकने पर सख्त रूख

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में सरकारी या निजी संस्थानों से गंदा पानी दामोदर या गरगा नदी में नहीं छोड़ा जाये. इस विषय पर प्रत्येक संबंधित विभाग विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें. डीसी ने कहा कि सुनिश्चित करें कि जल श्रोतों तक अपशिष्ट जल नहीं पहुंचे. उन्होंने जल निकासी तंत्र व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रगति की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि नदी में गंदगी पहुंचाना पर्यावरणीय अपराध है. वहीं, चास नगर निगम द्वारा डिसेल्टिंग चेंबर निर्माण की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जतायी.

सड़क किनारे गंदगी मुक्त व्यवस्था तैयार करने के निर्देश

उपायुक्त ने नगर निगम चास व नगर परिषद फुसरो को निर्देश दिया कि शहर की सड़कों के दोनों किनारों पर गंदगी व कचरा नहीं फैले, इसके लिए एक स्थायी सिस्टम तैयार किया जाये. डीसी ने कहा कि साफ सड़क व स्वच्छ नदी सच्चे विकास की पहचान हैं. साथ ही, दोनों नगर निकाय को सभी जल स्त्रोत व नदियों की मैपिंग कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया.

एसटीपी कार्यों में तय समय सीमा के भीतर प्रगति लायें

एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा की गयी. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि फुसरो नगर परिषद का लंबित एसटीपी काम 30 नवंबर तक पूर्ण किया जाये. वहीं, चास नगर निगम की ओर से एसटीपी के लिए चिन्हित भूमि विवाद का समाधान कर 15 नवंबर तक निर्माण कार्य प्रारंभ की जाये. डीसी ने कहा कि नदी को स्वच्छ रखने का सबसे प्रभावी उपाय एसटीपी का सुचारू संचालन है, इसमें बेवजह किसी भी तरह की देरी स्वीकार्य नहीं होगी.

बैठक में बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने को लेकर उपायुक्त ने बीएसएल व चास अपर नगर आयुक्त से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. मौके पर चास एसडीओ प्रांजल ढांडा, बेरमो एसडीओ मुकेश मछुआ, नोडल पदाधिकारी शक्ति कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, समिति के परियोजना पदाधिकारी प्रीतम कुमार समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी-कर्मी मौजूद थे.

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