कसमार, कसमार प्रखंड के गर्री ग्राम में इस्लाहुल मुस्लेमीन अंजुमन कमेटी की ओर से शुक्रवार को एक ऐतिहासिक पहल की गयी. सदर मो शेरे आलम की सदारत में कमेटी ने पचिया मुसामात से लगभग 100 वर्ष पूर्व दान में मिली भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया. जानकारी के अनुसार, गर्री ग्राम के बखरी मोहल्ला स्थित खाता संख्या 13, प्लॉट संख्या 501, रकवा 31 डिसमिल भूमि पचिया मुसामात की खतियानी संपत्ति थी. उन्होंने इस भूमि को समाजहित में इस्लाहुल मुस्लेमीन अंजुमन कमेटी को दान कर दी थी. लेकिन, पिछले लगभग 60 वर्षों से गांव के एक परिवार ने 16 डिसमिल भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था. लंबे समय से चली आ रही इस विवादित भूमि को शुक्रवार को सदर मो शेरे आलम के सदारत में सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति में कब्जामुक्त कराया गया. भूमि प्राप्ति के बाद इस्लामिक परंपरा के अनुसार कुरानखानी और फातिहाखानी का आयोजन किया गया. सदर ने कहा कि यह सिर्फ भूमि की वापसी नहीं, बल्कि एकता, न्याय और सामुदायिक जागरूकता की मिसाल है. उन्होंने कहा कि समाज की साझा संपत्ति पर किसी व्यक्ति का अवैध अधिकार न हो, इसके लिए सभी को सजग रहना होगा. मौके पर पूरे गांव के लोगों ने एकजुट होकर शांति और भाईचारे का संदेश दिया. इधर, ग्रामीणों ने कहा कि यह कदम सिर्फ जमीन की सुरक्षा नहीं, बल्कि समाज की अस्मिता और न्याय के प्रति जागरूकता का प्रतीक है. सभी ने अंजुमन कमेटी की इस ऐतिहासिक पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में विश्वास और एकता की भावना को और मजबूत करते हैं. मौके पर पर सेक्रेटरी साकिब अंसारी, खजांची मोबिन अंसारी, सरपरस्त हाजी शाकिर हुसैन, हाजी अताउल्लाह अंसारी, हाजी यूसुफ अंसारी, हाजी दिल मोहम्मद, जाकिर अंसारी, इंतेखाब आलम, कौसर अली, तनवीर आलम, शेखावत अंसारी, मासूम अली रजा, मनव्वर अंसारी, रिजवान अंसारी, सरफराज अहमद, अली इमाम अंसारी, शाहबाज शाकिर, तालिब अंसारी, शाहीर अंसारी, मंजर इमाम, रियाज अंसारी, सलीम अंसारी, इंतेखाबूर रहमान, जक्की अंसारी, शाहिद रजा चिश्ती, मुख्तार अंसारी व ग्रामीण मौजूद थे.
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