Bokaro News : आंदोलन में हिंसा व अवरोध पैदा नहीं करें, भविष्य पर पड़ेगा असर : निदेशक प्रभारी
Bokaro News : दिवंगत प्रेम प्रसाद के परिजनों ने आज से इस्पात भवन के सामने अनिश्चितकालीन धरना देने की घोषणा की है.
By ANAND KUMAR UPADHYAY | Updated at :
बोकारो, बोकारो स्टील प्लांट के इस्पात भवन के समक्ष दिवंगत विस्थापित युवक की मौत के एक वर्ष बाद भी नियोजन नहीं मिलने के खिलाफ परिजन छह मार्च से अनिश्चितकालीन धरना पर बैठेंगे. आंदोलन को देखते हुए बीएसएल प्रबंधन ने सभी पक्षों से संयम बरतने व आंदोलन के के दौरान किसी तरह के हिंसा नहीं करने की अपील की है. साथ ही बीएसएल के उत्पादन, डिस्पैच में अवरोध भी नहीं पैदा करने का आग्रह किया है.
विस्थापित स्व प्रेम प्रसाद की मां गोमती देवी ने डीसी को पत्र लिखकर कहा है कि पांच अप्रैल 2025 को उपायुक्त की अध्यक्षता में धनबाद सांसद, बोकारो विधायक, विस्थापित प्रतिनिधियों व बीएसएल के डायरेक्टर इंचार्ज की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया था कि उनके परिजन को 15 दिनों के भीतर नियोजन दिया जायेगी.
ठेका कर्मचारियों का पूरा ख्याल रख रही है प्रबंधन : डीआइ
बीएसएल के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने सभी वर्ग के लोगों से अपील की है आंदोलन के दौरान किसी तरह का अवरोध और हिंसक विरोध ना करें. बीएसएल के विस्तारीकरण के लिए लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निवेश रोजगार, आधारभूत संरचना और औद्योगिक प्रगति के नये द्वार खोलने जा रहा है. कई टेंडर निकल चुके और कई निकलने वाले हैं. पूर्व में हुए अवरोध और हिंसक विरोध से उत्पादन, वित्तीय प्रदर्शन व विस्तार योजनाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं. ऐसी घटनाएं बोकारो को आगे बढ़ाने के बजाय वर्षों पीछे धकेल देती हैं.
‘संजीवनी’के जरिये संविदा कर्मियों को चार लाख तक का स्वास्थ्य बीमा
डीआइ ने कहा कि कंपनी अपने संविदा कर्मियों की सामाजिक व स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘संजीवनी’ नामक समूह स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत की है. लगभग 7,000 संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा मिलेगी. प्रत्येक बीमित संविदा कर्मी को ₹4 लाख तक की इन-पेशेंट (आईपीडी) चिकित्सा सुविधा तथा ₹1,500 तक की आउट-पेशेंट (ओपीडी) सुविधा एक वर्ष मिलेगी. प्रबंधन द्वारा सेक्टर-11 में ‘कृतज्ञता पार्क’ की स्थापना की पहल की गयी है. अप्रेंटिस प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को संवेदकों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें और उनके कौशल का समुचित उपयोग हो सके. अब तक 100 से ज्यादा युवाओं को समायोजित किया जा चुका है.