Bokaro News : 348 दिनों बाद हुई जिला परिषद की बैठक, विकास कार्य की राशि उपयोग नहीं होने का मुद्दा रहा हावी

Bokaro News : जिले के समग्र विकास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा, कसमार प्रखंड की सुपरवाइजर से मांगा गया स्पष्टीकरण.

बोकारो, जिला परिषद की सामान्य बैठक 348 दिनों बाद शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में हुई. अध्यक्षता अध्यक्ष सुनीता देवी ने की. लंबी अवधि अंतराल में हुई बैठक पर कई सदस्यों ने आवाज उठायी. उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने सभी सदस्यों को कहा कि अगली बैठक तीन माह में ससमय संपन्न करा लिया जायेगा. उन्होंने कसमार प्रखंड की सुपरवाइजर को स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया.

जिले के समग्र विकास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई. शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, कृषि, अनाज वितरण , आंगनबाड़ी केंद्र, आपूर्ति विभाग, पैक्स का मामला, बंद स्वास्थ्य केंद्र, कंबल वितरण, नल जल योजना समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई. सदस्यों ने क्षेत्रवार समस्याओं को सदन के समक्ष रखा. संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया.

समन्वय के साथ कार्य करने व योजनाओं को गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारने का निर्देश

अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि पंचायत स्तर तक विकास योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना प्राथमिकता है. उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने व योजनाओं को गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारने का निर्देश दिया.

योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित हो : डीडीसी

डीडीसी ने कहा कि जिला परिषद की सामान्य बैठक जिले के समग्र व संतुलित विकास के लिए महत्वपूर्ण है. डीडीसी ने विभागों को निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित हो. पंचायत व ग्रामीण स्तर पर संचालित योजनाओं की नियमित समीक्षा होगी, ताकि आम जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले. उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने व लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने की बात कही.

सदस्यों ने उठाये कई सवाल

जिला परिषद सदस्य मंजूषा देवी ने कहा कि विकास कार्य की राशि का उपयोग नहीं हो रही है. संवेदकों का भुगतान गलत तरीका से रोका गया है. इस कारण यूसी नहीं दिया जा रहा है. इससे आगे का पैसा नहीं मिल पायेगा. कार्यपालक पदाधिकारी फाइल आने पास ही रखे रहते हैं. समय से बैठक नहीं होगी, तो कोई बात को कहां रखेगा. सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि मेघा जलापूर्ति योजना लायी गयी है. 12 पंचायतों को लाभ देना था. लेकिन, कभी बिजली की शिकायत, तो कभी तकनीकी खामी के कारण आपूर्ति बाधित होती है. लेकिन, लोगों से जलकर के रूप में हर माह पैसा लिया जाता है. आपूर्ति के बदले पैसा लिया जाता है, तो सुविधा मिले. वरना पैसा लेना बंद हो. श्री सिंह ने गोदोनाला सफाई का मुद्दा भी उठाया. सदस्य डॉ सुरेंद्र राज ने कहा कि विकास कार्य की राशि का इस्तेमाल सही समय पर हो. योजना को ससमय धरातल पर उतारा जाये. कार्य गुणवत्ता के लिए कमेटी बने. कमेटी भी समय से निर्णय ले. डॉ राज ने कहा कि साल में एक बार बैठक होने से योजनाओं की निगरानी में परेशानी होती है, इसलिए समय से हर बार बैठक होनी चाहिए. लंबित विकास कार्य के शीघ्र निष्पादन व ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा हुई. सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया गया. मौके पर निदेशक डीपीएलआर मेनका, जिप उपाध्यक्ष बबीता देवी समेत जिला परिषद सदस्य, सभी प्रखंड प्रमुख व सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी व अन्य मौजूद थे.

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Published by: Anand kumar upadhyay

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