कसमार, कसमार प्रखंड के धधकिया गांव निवासी दिव्यांग मजदूर सुबोध मुखर्जी ने अपने नाम पर जारी ₹5.40 करोड़ के जीएसटी नोटिस को लेकर केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग से न्याय की गुहार लगायी है. शुक्रवार को उन्होंने डाक और इ-मेल दोनों माध्यमों से विभाग को आवेदन भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
सुबोध मुखर्जी ने लिखा है कि नोटिस में दर्शाया गया मेसर्स जी इंटरप्राइजेज नामक किसी भी फर्म से उनका कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने बताया है कि वे न तो व्यापारी हैं, न ही उन्होंने कभी कोई फर्म खोली है और न ही उन्हें जीएसटी, टैक्स रिटर्न, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) या किसी भी कर प्रक्रिया की कोई जानकारी है. सुबोध ने कहा है कि वे बोकारो में एक टिंबर में मात्र 10000 रुपये मासिक मजदूरी पर काम करते हैं और एक हाथ की अंगुली कटी होने के कारण दिव्यांग हैं. सुबोध ने आवेदन में यह भी लिखा है कि उनका बैंक खाता कसमार स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में है, जिसमें बहुत ही सीमित राशि जमा रहती है. ऐसे में करोड़ों रुपये के व्यापार और टैक्स क्लेम से उनका नाम जोड़ना पूरी तरह असंभव और झूठा है. उन्होंने आशंका जतायी है कि किसी संगठित गिरोह ने उनकी पहचान का दुरुपयोग कर उनके नाम पर फर्जी फर्म खड़ी कर दी है. सुबोध ने आवेदन में यह भी कहा है कि इस नोटिस के बाद वे और उनका पूरा परिवार गंभीर मानसिक प्रताड़ना से गुजर रहा है. उनकी पत्नी पहले से बीमार रहती हैं और नोटिस की जानकारी मिलने के बाद उनकी हालत और बिगड़ गयी है. पूरा परिवार भय और तनाव में है तथा यह समझ नहीं पा रहा है कि आगे क्या किया जाये. सुबोध मुखर्जी ने विभाग से आग्रह किया है कि मेसर्स जी इंटरप्राइजेज का वास्तविक संचालक कौन है, इसकी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाये, उनके नाम और पहचान के दुरुपयोग की पूरी कड़ी उजागर की जाये और उन्हें इस झूठे व मनगढ़ंत मामले से शीघ्र राहत दी जाये. उन्होंने भरोसा जताया है कि विभाग निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाएगा.Bokaro News: दिव्यांग मजदूर ने विभाग को दिया आवेदन, निष्पक्ष जांच की मांग

Bokaro News: दिव्यांग मजदूर ने विभाग को दिया आवेदन, निष्पक्ष जांच की मांग
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Bokaro News: कसमार प्रखंड के धधकिया गांव निवासी 10 हजार कमानेवाले दिव्यांग मजदूर को सेंट्रल जीएसटी ने भेजा है 5.40 करोड़ का नोटिस.