Bokaro News : बीएसएल : प्रशिक्षु कर्मियों का रात्रि पाली भत्ता दुगना, 60 से बढ़कर हुआ 120 रुपये

Bokaro News : नाइट शिफ्ट एलाउंस की राशि बढ़ाने का आदेश जारी, कर्मियों के लिए राहत की खबर, बीएकेएस की ओर से एक अगस्त 2024 को बीएकेएस ने प्रबंधन को लिखा था पत्र

बोकारो, बोकारो स्टील प्लांट के प्रशिक्षु कर्मियों के लिए राहत की खबर है. कर्मियों का रात्रि पाली भत्ता दुगना हो गया है. 60 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये कर दिया गया है. एक अप्रैल 2025 से यह लागू हो गया है. बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) के प्रयास के फलस्वरूप प्रशिक्षु कर्मियों को राहत मिली है. बीएकेएस इसके लिये लंबे अरसे से प्रयासरत था. अब प्रयास रंग लाया है. बीएकेएस के अध्यक्ष हरिओम ने कहा कि संगठन ने रात्रि पाली भत्ता में भेदभाव पर कई बार संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा था. बीएकेएस का कहना है कि वर्तमान रात्रि पाली भत्ता को प्रभावी करने का समय गलत है. इसे शुरू से प्रभावी कर सभी प्रशिक्षु कर्मियों को एरियर भी दिया जाय. साथ हीं अन्य कर्मियों जैसा ही रात्रि पाली भत्ता प्रभावी किया जाये.

रात्रि पाली भत्ता संशोधन में प्रशिक्षु कर्मियों को अनदेखा कर दिया था

बीएकेएस का कहना है कि एनजेसीएस यूनियनों ने रात्रि पाली भत्ता संशोधन में प्रशिक्षु कर्मियों को अनदेखा कर दिया था, जिसका प्रमाण एनजेसीएस यूनियनों द्वारा किया गया समझौता था. समझौता में कहीं भी प्रशिक्षु कर्मियों का जिक्र नहीं था. बीएकेएस ने इसको लगातार सभी जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष उठाया. भत्ता संशोधित नहीं होने से सेल के प्रशिक्षु कर्मचारी अपने को ठगा महसूस कर रहे थे. नाइट शिफ्ट एलाउंस की राशि बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया गया है. एक अगस्त 2024 को बीएकेएस ने प्रबंधन को पत्र लिखा था. मांग पत्र में उल्लेख किया गया था कि जुलाई पेड अगस्त पेमेंट में बढ़ा हुआ रात्रि पाली भत्ता का भुगतान नहीं किया गया है. जबकि सामान्य कार्मिकों को 180 रुपया प्रति रात्रि की दर से भुगतान किया गया है.

यूनियन ने मांग थी कि प्रशिक्षु कर्मियों को बढ़े हुए दर से भुगतान किया जाये

एक तरफ सामान्य कार्मिकों का एनजेसीएस संविधान का उल्लंघन कर 89 माह विलंब से एरियर विहीन व अधिकारी वर्ग के मुकाबले 20 रुपया प्रति रात्रि पाली कम भुगतान किया जा रहा है, जो औद्योगिक विवाद का विषय है. प्रशिक्षु गैर कार्यपालक कर्मचारियों के भत्ता में कोई वृद्धि न कर उनका आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है. यूनियन ने मांग थी कि प्रशिक्षु कर्मियों को बढ़े हुए दर से भुगतान किया जाये.

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