Bokaro News : युद्धपोत ‘अजय’ में लगा है बीएसएल का डीएमआर-249 ग्रेड का स्पेशल स्टील

Bokaro News : भारतीय नौसेना के लिए पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘अजय’ का जलावतरण, युद्धपोतों के लिए नियमित विशेष स्टील की आपूर्ति कर रहा बीएसएल.

सुनील तिवारी, बोकारो, भारतीय नौसेना लगातार अपनी ताकतों में इजाफा कर रही है. इसमें बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) का फौलादी स्टील भी शामिल है. कोलकाता स्थित रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) ने 21 जुलाई को भारतीय नौसेना के लिए तैयार की गयी आठ पनडुब्बी रोधी जलपोतों की शृंखला के अंतिम पोत ‘अजय’ का सफलतापूर्वक जलावतरण किया. इस बार भी युद्धपोत में बीएसएल का डीएमआर-249 ग्रेड का स्पेशल स्टील लगा है. ‘अजय’ समेत सभी आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोत भारतीय नौसेना के लिए विशेष रूप से डिजाइन और निर्मित किये गये हैं. गर्व की बात है कि सभी में बीएसएल का फौलादी स्टील भी लगा है. इस लॉन्चिंग के साथ ही जीआरएसई द्वारा निर्मित आठ पनडुब्बी रोधी जलपोतों की यह शृंखला पूरी हो गयी है, जो भारतीय नौसेना की तटीय रक्षा क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी. बीएसएल नियमित रूप से भारतीय नौसेना के पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों के लिए विशेष स्टील की आपूर्ति कर रहा है.

आइएनएस कवरत्ती में बीएसएल का 1000 टन डीएमआर प्लेट

आइएनएस कवरत्ती जैसे युद्धपोतों में बीएसएल का लगभग 1000 टन डीएमआर प्लेट लगा है, इसके अलावा, आइएनएस अरनाला जैसे अन्य स्वदेशी युद्धपोतों के लिए भी विशेष ग्रेड स्टील की आपूर्ति की है. स्टील आपूर्ति भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में एक महत्वपूर्ण योगदान है, खासकर जब से यह स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोतों के लिए स्टील की आपूर्ति कर रहा है.

चार-चार जंगी जहाजों के निर्माण में 7200 टन बीएसएल से उत्पादित इस्पात

बोकारो इस्पात संयंत्र सहित संपूर्ण सेल बिरादरी के लिए यह गर्व का विषय है कि इस मेड इन इंडिया के तहत निर्मित कमोर्टा क्लास की चार-चार जंगी जहाजों के निर्माण में 7200 टन बीएसएल से उत्पादित इस्पात का प्रयोग इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना में किया गया है. बीएसएल में इसके लिये स्पेशल इस्पात बन रहा है.

व्यावसायिक जहाज के लिए खास इस्पात का उत्पादन कर रहा बीएसएल

आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देते हुए बीएसएल व्यावसायिक जहाज के लिए विशेष इस्पात का उत्पादन कर रहा है. अब तक इसके लिए विदेश से स्टील मंगाया जाता रहा है. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) में ऐसा इस्पात बनाने वाली बीएसएल पहली इकाई है. फरवरी 2024 में इसे अमेरिकन ब्यूरो आफ शिपिंग (एबीएस) और इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आइआरएस) से सामान्य और उच्च शक्ति वाले जहाज निर्माण के लिए उपयुक्त गुणवत्ता वाले स्टील का प्रमाणन प्राप्त है. बीएसएल नौसेना के उपयोग के लिए जहाज बनाने वाली भारत सरकार की कंपनियों को विशेष प्रकार का इस्पात आपूर्ति करता रहा है. यहां युद्धपोत के लिए डीएमआर-249 ग्रेड के इस्पात का उत्पादन होता रहा है. बीएसएल लंबे समय से पनडुब्बियों, फ्रिगेट्स, डाइविंग सपोर्ट वेसल (डीएसवी) आदि नौ सैनिक युद्ध उपकरणों के लिए स्टील की आपूर्ति करता रहा है. नये प्रमाणीकरण के बाद बीएसएल से वाणिज्यिक जहाजों के लिए स्टील की आपूर्ति भी की जा रही है. एबीएस व आइआरएस ने मान्यता प्रदान की है.

बीएसएल-सेल को मिला है नया बाजार : निदेशक प्रभारी

बीएसएल के निदेशक प्रभारी बीके तिवारी ने कहा कि देश की नौसेना व अन्य सामरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बीएसएल स्पेशल स्टील बना रहा है और नियमित रूप से इसकी आपूर्ति भी कर रहा है. बीएसएल के इस नए ग्रेड के निर्माण से बीएसएल-सेल को नया बाजार मिला है. आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह एक बड़ी सफलता है. सरकारी कंपनियां जो भी व्यावसायिक जहाज बनायेंगे, उसके स्टील की आपूर्ति के लिए बोकारो इस्पात हीं एकमात्र विकल्प है. उसे ही इस मानक का इस्पात बनाने का प्रमाणपत्र मिला है.

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