बोकारो, 14 अक्तूबर को सहायक श्रमायुक्त धनबाद के साथ बीएसएल प्रबंधन व बीएकेएस की प्रशासनिक भवन में होने वाली समझौता वार्ता पर बीएसएलकर्मियों की नजरें टिकीं हैं. अगर बैठक में समझौता नहीं होता है, तो बीएकेएस एकबार फिर हड़ताल का निर्णय ले सकता है. इससे पहले बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने 10 अक्तूबर की हड़ताल सहायक श्रमायुक्त धनबाद के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया था. धनबाद में सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में गुरुवार की देर रात तक चली मीटिंग में मुद्दों को सुलझाने का प्रस्ताव आया था. बीएकेएस का कहना है कि अगर 30 मांगों पर प्रबंधन कोई सटीक निर्णय नहीं लेता है, तो उसी दिन हड़ताल की तिथि घोषित कर दी जायेगी. इसके आगे कोई वार्ता नहीं होगी. बताते चलें कि 30 प्रमुख मांगों में बोनस व इंसेंटिव का मुद्दा भी यूनियन की लिस्ट में है. बीएकेएस का कहना कि कई मुद्दे सिर्फ गैर आर्थिक हैं, जिसको लागू करने से सेल-बीएसएल प्रबंधन पर कोई भी आर्थिक भार नहीं आयेगा. प्रबंधन कर्मचारियों को शोषित रखने के उद्देश्य से इसे लागू नहीं कर रहा है. बीएसएल की यह तपिश दूसरी यूनिटों में भी जायेगी. बीएकेएस के अध्यक्ष हरिओम ने कहा कि दुर्भाग्य है कि इस्पात मंत्री, इस्पात राज्य मंत्री, इस्पात सचिव, सेल चेयरमैन, निदेशक कार्मिक व उच्च अधिकारियों के बातों-आश्वासनों का कोई महत्व नहीं रह गया है. एक संस्थान के उच्च अधिकारियों पर कंपनी के कर्मचारी जब भरोसा नहीं करते हैं, तो संस्थान को काफी क्षति पहुंचती है. अब गेंद सेल व बीएसएल के पाले में है कि वह कर्मचारियों के भरोसे को किस तरह आगे बढ़ाये, नहीं तो हमारी यूनियन जमीन से लेकर अदालत तक संघर्ष को और आगे बढ़ाने के लिए तैयार है.
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