Bokaro News : बोकारो को जरूरत है प्रतिदिन औसतन 90 यूनिट ब्लड, मिल रहा 48 यूनिट

Bokaro News : वर्ल्ड ब्लड डोनर डे पर खास : रक्त की जरूरत पूरा करने के लिए बोकारो में चार ब्लड बैंक संचालित.

रंजीत कुमार, बोकारो, बोकारो को प्रतिदिन औसतन 90 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है. रक्तदान से 48 यूनिट की पूर्ति ही हो पाती है. यह बोकारो के ब्लड डोनर की वजह से मिल पाता है. जरूरतमंदों के लिए ब्लड की व्यवस्था बोकारो ब्लड डोनर्स एसोसिएशन, बोकारो स्टील सिटी कॉलेज छात्र मोबाइल ब्लड डोनर संघ सहित दर्जनों संस्थान कैंप लगा कर कर रहे हैं.

रक्त की जरूरत पूरा करने के लिए बोकारो में चार ब्लड बैंक संचालित है. बोकारो जनरल अस्पताल की ओर से चलाये जा रहे ब्लड बैंक से अस्पताल में इलाजरत लोगों की जरूरतों को पूरा किया जाता है. सरकारी स्तर पर कैंप दो सदर अस्पताल ब्लड बैंक है. जो जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराता है. रेड क्रॉस सोसाइटी संचालित ब्लड बैंक से 700 रुपये व प्रति यूनिट के बदले एक यूनिट रक्तदान करनी पड़ती है. केएम मेमोरियल अस्पताल द्वारा भी ब्लड बैंक संचालित है. चारों ब्लड बैंक से रोजाना लगभग 48 यूनिट रक्त मरीजों को उपलब्ध कराया जाता है. कभी ब्लड नहीं होने की स्थिति में ऑपरेशन तक टल जाता है.

थैलेसीमिया पीड़ित 200 बच्चों का भविष्य चार ब्लड बैंकों पर

बोकारो जिला के थैलेसीमिया पीड़ित 200 बच्चों का भविष्य चास-बोकारो के चार ब्लड बैंकों पर टिका है. कभी-कभी रक्तदान कम होने की स्थिति में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार बाहर से आनेवाले थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए भी ब्लड की व्यवस्था ब्लड बैंक को करनी होती है.

इन अस्पतालों में थैलेसीमिया पीड़ित इतने बच्चे सूचीबद्ध

कैंप दो स्थित सदर अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित 50 बच्चे सूचीबद्ध है. इन्हें हर माह 30 से 35 यूनिट ब्लड देना पड़ता है. रेड क्राॅस ब्लड बैंक कैंप दो में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे 122 सूचीबद्ध है. हर माह 145 से 150 यूनिट ब्लड की व्यवस्था देनी पड़ती है. चास केएम मेमोरियल अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित 15 बच्चे सूचीबद्ध है. हर माह 14 यूनिट ब्लड देना पड़ता है. कभी-कभी एक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे को एक माह में दो से तीन बार ब्लड देने की नौबत आ जाती है.

रक्तदान से पहले चिकित्सक की लें सलाह

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि रक्तदान के दौरान कुछ तरह की सावधानियां भी बरतनी जरूरी है. अगर आप किसी बीमारी के लिए दवा ले रहे हैं, तो रक्तदान से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें. इसके अलावा, जो महिलाएं हीमोग्लोबिन व सेहत के मानकों पर खरी उतरती हैं, वो भी रक्तदान कर सकती हैं, लेकिन पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, ब्रेस्ट फीडिंग की स्थिति में उन्हें रक्तदान करने से बचना चाहिए. कारण को छिपा कर रक्तदान नहीं करनी चाहिए. ऐसे में खुद के साथ दूसरे को भी नुकसान होगा.

ब्लड बैंक रक्तदान की संख्या रक्त की खपत जरूरत यूनिट

बोकारो जनरल अस्पताल 17 से 18 प्रतिदिन 35 यूनिट प्रतिदिन 40 यूनिट प्रतिदिन, रेड क्राॅस सोसाइटी ब्लड बैंक 08 से 10 प्रतिदिन 08 यूनिट प्रतिदिन 10 से 12 यूनिट प्रतिदिन, केएम मेमोरियल ब्लड बैंक 08 से 10 प्रतिदिन 10 यूनिट प्रतिदिन 15 यूनिट प्रतिदिन, सदर अस्पताल ब्लड बैंक 08 से 10 प्रतिदिन 12 यूनिट प्रतिदिन 20 यूनिट प्रतिदिन.

रक्तदान से दिल की सेहत में आता है सुधार

रक्तदान करने से हिचकिचाएं नहीं. रक्तदान को महादान की संज्ञा दी गयी है. इससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवनदान मिलता है. बावजूद इसके अधिकांश लोग ऐसे भी हैं, जो जागरूकता के अभाव में रक्तदान करने से हिचिकचाते हैं, लेकिन रक्तदान करने से ना सिर्फ किसी को जीवनदान दिया जा सकता है, बल्कि इससे रक्तदाता की सेहत को भी फायदे होते हैं. चिकित्सकों के अनुसार रक्तदान करने से दिल की सेहत में सुधार आता है.

18 से 60 साल तक के स्वस्थ व्यक्ति कर सकते हैं रक्तदान

रक्तदान करने से वजन नियंत्रित होता है. इतना ही नहीं रक्तदाता के तन व मन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. 18 से 60 साल की उम्र तक का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है. इसके लिए जरूरी है कि रक्तदान करने वाला व्यक्ति स्वस्थ हो. साथ ही साथ सेहत के कुछ मानकों पर खरा उतरता हो. ज्यादातर लोग रक्तदान से होनेवाले फायदों से आज भी अंजान हैं. ऐसे में रक्तदान का अर्थ नहीं समझ पाते हैं कि रक्तदाता को फायदा मिलता है.

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