Bokaro News: बीएकेएस ने रिटायर अधिकारियों को सी-टाइप आवास देने की योजना का किया विरोध

Bokaro News: बीएसएल : सी-टाइप आवासों पर पहला अधिकार वरिष्ठ , पूर्व सैनिक, दिव्यांग कर्मियों व अन्य का.

बोकारो, बोकारो अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने बीएसएल से रिटायर अधिकारियों को सी-टाइप आवास देने की योजना का विरोध किया है. शुक्रवार को बीएकेएस अध्यक्ष हरिओम ने कहा कि एक ओर कर्मचारियों को एक वर्ष से अधिक का समय तक आवासों को अनुरक्षण करने में लगाया जाता है, दूसरी ओर सभी को पात्रता दे दी जाती है. वास्तविकता में भले ही ज्वाइनिंग के तीन-तीन वर्षों तक उन्हें इ टाइप आवास भी ना मिले, डी टाइप तो दूर की बात है. सी टाइप आवास भले ही हजारों की संख्या में अवैध कब्जे में हो. वहीं अधिकारी समूह अपने मुहल्ले में कब्जेधारी के साथ रहते हैं. कोई भी शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता.

भिलाई की तर्ज पर बोकारो में भी कर्मियों को दो इ टाइप (एनक्यू 2) आवास मिले

वहीं वरिष्ठ कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों व कर्मचारी दंपती को सी-टाइप आवास देने से भी कई सारे आवास कब्जे से बचाने के लिए यूनियन की ओर से मांग पत्र भी दिया गया. इसके बाद भी उस पर कोई विचार ना किया जाता है. भिलाई इस्पात संयंत्र में इक्यू 1 आवास कर्मियों को देने की योजना सुचारू रूप से चल रही है. जहां अधिकारी-कर्मचारी रह भी रहे हैं. कब्जा भी नहीं हो रहा है. इसके साथ साथ कर्मियों को दो इ टाइप (एनक्यू 2) आवास भी ट्विन योजना के तहत दिया गया है, जिसे की बोकारो नगर प्रशासन की अध्ययन कर उसे लागू करना चाहिए. यूनियन ने कई बार मांग की.

…अन्यथा कभी भी भविष्य में हम सभी को सी-टाइप आवास की सुविधा नहीं मिल पायेगी

हरिओम ने कहा कि एक जटिल योजना के साथ इस प्रकार से सी-टाइप आवास देने कहीं से भी संयंत्र के आवासों के लिए उचित नहीं है. हम सभी को पूर्व अधिकारियों को लाइसेंस पर मिलने वाली आवास योजना का पुरजोर विरोध करना ही होगा, अन्य कोई विकल्प नहीं है. सी-टाइप आवासों पर पहला अधिकार वरिष्ठ कर्मचारियों, पूर्व सैनिक कर्मचारियों, दिव्यांग कर्मियों, कर्मचारी दंपतियों का ही होना चाहिए, इसके बाद ही किसी रिटायर अधिकारी को यह मिले, अन्यथा कभी भी भविष्य में हम सभी को सी-टाइप आवास की सुविधा नहीं मिल पायेगी. आज हम सभी को यह समझना होगा.

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