Bokaro News : बोकारो जिले के 212 बैंक शाखाओं में लटके रहे ताला

Bokaro News : सप्ताह में 05 कार्य दिवस को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले बैंक कर्मियों ने हड़ताल की, 60 करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित.

बोकारो, बोकारो जिले के 212 बैंक शाखा में मंगलवार को ताला लटका रहा. सप्ताह में 05 कार्य दिवस को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले बैंक कर्मियों ने हड़ताल की. बैंक खुलने के निर्धारित समय के पहले विभिन्न बैंक यूनियन के प्रतिनिधि संबंधित बैंक शाखा के सामने डट गये. शाखा खोलने नहीं दिया गया. टोली बनाकर शाखा दर शाखा जाकर बैंक को बंद भी कराया गया. मार्च निकाला गया. हड़ताल के कारण जिले में 60 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान जताया जा रहा है.

यूनियन की मानें तो बैंक में हड़ताल अचानक नहीं हुई. बल्कि यह भारतीय बैंक एसोसिएशन के वादाखिलाफी के कारण है. मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ के साथ हुए वेतन संशोधन समझौते में सभी शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी. इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए लगभग दो साल बीत चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है. इसी प्रशासनिक देरी के विरोध में कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है.

बैंक कर्मियों का कहना है कि यह सबसे पुरानी व प्रमुख मांग है. वर्तमान व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को दूसरे व चौथे शनिवार को ही अवकाश मिलता है, जबकि अन्य शनिवार को काम करना पड़ता है. यूनियन का तर्क है कि जब आरबीआइ, एलआइसी, स्टॉक एक्सचेंज समेत अधिकांश सरकारी कार्यालय में 05 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंक कर्मचारियों के साथ यह भेदभाव क्यों?

कर्मचारियों की माने तो वे काम के कुल घंटों में कटौती नहीं चाहते. इसके बदले में कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को भी तैयार हैं, ताकि ग्राहकों को कोई असुविधा ना हो और काम का कोटा पूरा रहे. आइबीए के साथ हुई बैठक में इस मसले को भी रखा गया था. 12 वेतन पुनरीक्षण समझौता के तहत 07 दिसंबर 2023 को व 09वां ज्वाइंट सिग्नेचर के तहत 08 मार्च 2024 को आइबीए के साथ बैंक यूनियन में 05 कार्य दिवस को लेकर लिखित समझौता हुआ था. इसे 06 माह के अंदर लागू करने की बात कही गयी थी.

यूएफबीयू के बोकारो जिला संयोजक सिद्धेश नारायण दास ने कहा कि एक ओर बहाली नहीं होने से कर्मियों की भारी कमी है. 05 कार्य दिवस होने से तनावपूर्ण स्थिति में कार्य करने को विवश कर्मियों को कुछ राहत मिल सके. यूएफबीयू द्वारा हड़ताल की घोषणा की जाती रही है. जनवरी 2026 में ही हड़ताल का नोटिस दिया गया था, इसपर मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) के समक्ष 23 जनवरी को वार्ता हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकला. श्री दास ने कहा कि लिखित आश्वासन के अनुसार पांच दिवसीय बैंकिंग को लागू नहीं करती है तो अंतिम हद तक संघर्ष होगा. भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन के 08 सर्किल के उपाध्यक्ष राघव कुमार सिंह ने कहा कि लिखित समझौता के बाद भी आइबीए नियम लागू नहीं कर रहा है. हम ग्राहक सेवा के लिए हर दिन अतिरिक्त कार्य करने को भी तैयार हैं. केनरा बैंक इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ओझा ने भी संबोधित किया.

लगातार चार दिन बैंक बंदी से हुई परेशानी

बैंक 24 जनवरी से शनिवार-रविवार व गणतंत्र को लेकर बंद था. 27 जनवरी को हड़ताल हुई. लगातार 04 दिन बैंक बंदी के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों की माने तो मांग को लेकर आंदोलन सही है, लेकिन लगातार इस दिन का चुनाव गलत था. सरकार को भी चाहिए कि बैंक कर्मियों की मांग पर अमल करे. हालांकि, डिजिटल जमाने में लोगों ने कई काम ऑनलाइन ही पूरा किया. एटीएम से भी पैसा का निकासी आम दिनों की तरह ही हुई. भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संगठन के राजीव कुमार सिंह, दिलीप कुमार, बैंक ऑफ इंडिया अधिकारी संगठन के इप्रेम सोरेन, पंजाब नशनल बैंक के मिथिलेश कुमार, नीरज तिवारी, बैंक ऑफ इंडिया के प्रदीप झा, राकेश मिश्रा समेत विभाष झा, राजेश श्रीवास्तव, पंकज कुमार, सुधीर कुमार, अवधेश प्रसाद, राजकुमार प्रसाद, उर्मिला कुमारी, मनमीत कौर, अजय कुमार, इंद्रजीत चौधरी, परमहंस कुमार, जगन्नाथ दास, सुनील कुमार, अरुण कुमार, कृष्णकांत, पीके श्रीवास्तव समेत अन्य ने हड़ताल को सफल बनाने में योगदान दिया.

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