पेटरवार स्थित वन विभाग सभागार में बुधवार को झारखंड सरकार के वन विभाग और ग्राम वन प्रबंधन सह संरक्षण समितियों की संयुक्त कार्यशाला हुई. केंद्रीय वन पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति, उत्तरी छोटानागपुर के बैनर तले आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) संजीव कुमार ने की. इस दौरान वन सुरक्षा समितियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पीसीसीएफ को 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा और वर्षों से लंबित अधिकारों को लागू करने की मांग उठायी.
संबोधित करते हुए पीसीसीएफ ने कहा कि झारखंड के जंगलों को बचाने और विकसित करने में वन सुरक्षा समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है. समितियों ने जिस समर्पण के साथ कार्य किया है, वह सराहनीय है. समितियों की सभी उचित मांगों पर विभाग गंभीरतापूर्वक विचार करेगा तथा उनके अधिकारों की दिशा में सकारात्मक पहल की जायेगी. क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ आर थंगा पांडियन ने कहा कि समितियाें के साथ मिल कर विभाग काम करता रहेगा. समितियों को हरसंभव सहयोग दिया जायेगा.केंद्रीय उपाध्यक्ष विष्णुचरण महतो ने कहा कि दशकों से ग्रामीणों और वन सुरक्षा समितियों के सहयोग से जंगल सुरक्षित और समृद्ध हुए हैं, लेकिन समितियों को उनका वाजिब अधिकार नहीं मिल सका है. वर्ष 2001 के सरकारी संकल्प के अनुरूप समितियों को वनोपज से मिलने वाले लाभांश का हिस्सा मिले तथा निष्क्रिय समितियों का पुनर्गठन किया जाये.
कार्यशाला को देवशरण हेंब्रम, मो सुलेमान अंसारी, सूरज महतो, राधानाथ सोरेन, आनंद कुमार महतो, धनुलाल महतो, वतन महतो, गंगाधर महतो, विजय गुप्ता, बिरू महतो, दिलीप कुमार महतो, सुनीता देवी एवं कजरी देवी आदि ने भी संबोधित किया. मौके पर डीएफओ नीतीश कुमार, रेंजर आरके सिंह, झरीराम महतो, राजेश्वर महतो, सुनील कुमार महतो, अखिलेश्वर मुंडा, दशरथ टुडू, नकुल मुंडा, हरीबोल महतो, रंजीत कुमार, कृष्ण कुमार, ठाकुरदास महतो, समोला देवी, गीता देवी, सुमन देवी, रश्मि देवी, किंकर महतो, सरोज महतो समेत उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र की विभिन्न वन सुरक्षा समितियों से जुड़े सैकड़ों सदस्य मौजूद थे. इस दौरान सुनील कुमार महतो एवं नंदलाल महतो ने वन संरक्षण पर आधारित गीत प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षु डीएफओ संदीप कारभारी शिंदे व विष्णुचरण महतो ने किया.