Bokaro Elephant Attack, बोकारो (राम दुलार पंडा) : बोकारो के गोमिया में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. गोमिया वन क्षेत्र के महुआटांड़ इलाके में बीते शनिवार की देर रात हाथियों ने एक और युवक जान ले ली. घटना कंडेर पंचायत के दरहाबेड़ा गांव की है. मृतक का नाम करमचंद सोरेन का है, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. हाथियों ने मृतक के घर को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया.
इससे पहले हाथियों ने कब मचाया था तांडव ?
इससे पहले 18 जनवरी की रात कंडेर पंचायत के सिमराबेड़ा महतो टोला के पास मुख्य सड़क पर हाथियों ने तांडव मचाया था. हाथियों ने चलती ओमनी कार पर हमला करके चालक, सब्जी विक्रेता रवींद्र दांगी को मौत के घाट उतार दिया था. लगातार हो रही इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.
Also Read: झारखंड के बेटे, बेटियों ने दिल्ली में जीता लोगों का दिल, नेशनल बैंड कॉम्पिटिशन में मारी बाजी
मंत्री ने मुआवजा दिलाने का दिया भरोसा
शनिवार रात की घटना की सूचना मिलते ही सूबे के मंत्री सह स्थानीय विधायक योगेंद्र प्रसाद घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने मृतक के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया. मंत्री ने सरकारी प्रावधान के तहत चार लाख रुपये का मुआवजा जल्द से जल्द दिलाने का भरोसा दिया. मौके पर उन्होंने वन विभाग के वरीय अधिकारियों से फोन पर बात करके हाथियों के उत्पात पर तत्काल रोक लगाने के उपाय करने के निर्देश दिये.
75 दिनों में कितने लोगों की गयी जान ?
पिछले करीब ढाई महीने में हाथी के हमलों से इस क्षेत्र में रहने वाले पांच लोगों की जान जा चुकी है. 10 नवंबर की रात तिलैया रेलवे अंडरपास के पास पूर्व मुखिया बालेश्वर महतो के पुत्र प्रकाश कुमार महतो और टूनक महतो के पुत्र चरकू महतो की मौत हुई थी. 16 नवंबर की रात सांझो देवी नामक महिला हाथी हमले का शिकार बनी. 18 जनवरी को रवींद्र दांगी और अब दरहाबेड़ा में करमचंद सोरेन की जान चली गई.
हाथियों की वजह से कितने गांव प्रभावित ?
हाथियों के आतंक से तिरला, होन्हें, कंडेर, बारीडारी, बड़कीपुन्नू, महुआटांड़, टीकाहारा, केंदुआ, चोरगांवां, कुंदा, खखंडा, मुरपा समेत करीब ढाई दर्जन गांव-टोले प्रभावित हैं. हाथियों ने घर, चहारदीवारी, वाहन और फसलों को नुकसान पहुंचाकर ग्रामीणों की कमर तोड़ दी है. लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है. लोग रात में घर से निकलने से डर रहे हैं. अब लोगों की नजरें प्रशासन और वन विभाग पर टिकी है.
Also Read: 26 जनवरी को रांची में बदला रहेगा ट्रैफिक, एडवाइजरी जारी
