यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर गुरुवार को चास-बोकारो के सैकड़ों बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने बैंक ऑफ इंडिया की बोकारो स्टील सिटी शाखा, सेक्टर-4 के सामने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में विभिन्न बैंक यूनियनों के सदस्यों के साथ महिला बैंककर्मियों ने भी उल्लेखनीय भागीदारी निभायी.
पीएलआई भुगतान में भेदभाव का लगाया आरोप
प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) के भुगतान में कथित भेदभाव का विरोध किया. इसके अलावा पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की गयी.
प्रदर्शन में एआईबीए, एआईबीओसी, एनसीबीई, बीईएफआई, एआईबीओए, आईएनबीईएफ और आईएनबीओसी समेत विभिन्न बैंक यूनियनों के सदस्य शामिल हुए.
समझौते के विपरीत निर्देश जारी करने का आरोप
यूएफबीयू का आरोप है कि आईबीए के साथ हुए समझौते में कर्मचारियों और स्केल-7 तक के अधिकारियों को बैंक के प्रदर्शन के आधार पर समान व्यवस्था के तहत पीएलआई देने पर सहमति बनी थी. इसके बावजूद वित्तीय सेवा विभाग की ओर से कर्मचारियों और स्केल-3 तक के अधिकारियों के लिए 15 दिन तथा वरिष्ठ अधिकारियों के लिए 365 दिन के पीएलआई भुगतान का निर्देश जारी किया गया.
मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल की चेतावनी
यूएफबीयू के जिला संयोजक सिद्धेश नारायण दास ने कहा कि यह जमीनी स्तर पर बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने वाले कर्मचारियों के साथ अन्याय है. उन्होंने सरकार से कथित भेदभावपूर्ण निर्देश वापस लेने और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग की.
उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गयीं तो 11 सितंबर को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल की जायेगी. इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल का कार्यक्रम है. इसके बावजूद समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गयी.
बड़ी संख्या में बैंककर्मी रहे मौजूद
प्रदर्शन में राघव कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार, राजेश ओझा, विभाष झा, पंकज कुमार, प्रदीप कुमार, राकेश मिश्रा, अवधेश प्रसाद, नीरज तिवारी, राजकुमार प्रसाद, अरुण कुमार, कृष्णा तिवारी, सोनू कुमार और उर्मिला कुमारी समेत बड़ी संख्या में बैंककर्मी मौजूद रहे.
