नशे की लत से परेशान लोगों को इलाज और बेहतर परामर्श उपलब्ध कराने के लिए बोकारो सदर अस्पताल में 15 बेड का डी-एडिक्शन (नशा मुक्ति) सेंटर खोलने की तैयारी शुरू हो गयी है. मुख्यालय से सेंटर स्थापित करने का आदेश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है. सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद और सदर उपाधीक्षक डॉ एनपी सिंह ने अस्पताल परिसर में सेंटर के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी है.
सभी सीएचसी में डी-एडिक्शन ओपीडी हो रहे संचालित
फिलहाल जिले के सभी सीएचसी में डी-एडिक्शन ओपीडी संचालित हो रही है. मनोचिकित्सक डॉ प्रशांत मिश्र और उनकी टीम नशामुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है. डीएस डॉ एनपी सिंह सेंटर के निर्माण और उपचार व्यवस्था को लेकर चिकित्सकों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं.
दवा के साथ काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक उपचार
डी-एडिक्शन सेंटर में नशे की लत से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जायेगा. दवाओं के साथ मनोवैज्ञानिक उपचार और काउंसिलिंग की सुविधा मिलेगी. मरीजों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य मूल्यांकन और नियमित परामर्श किया जायेगा. उपचार के दौरान कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी, मेडिटेशन, एंगर मैनेजमेंट और 12-स्टेप थेरेपी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
पहल से जीवन के पुनर्वास की आस
मरीजों और उनके परिजनों को नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्परिणाम, नशे से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और उससे बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जायेगी. विभाग का उद्देश्य नशे की गिरफ्त में आये लोगों को उपचार के साथ सामाजिक और मानसिक रूप से सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करना है.कोटःः
मानव संसाधन बढ़ाया जायेगा- सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जिले में नशे की लत से परेशान लोगों को उपचार उपलब्ध कराना है. फिलहाल मनोचिकित्सक रोस्टर के अनुसार अस्पतालों में ओपीडी सेवा दे रहे हैं. केंद्र शुरू होने के बाद मानव संसाधन भी बढ़ाया जायेगा.
