Bokaro News : कथारा में 400 करोड़ की लागत से बनेगी नयी कोल वाशरी

Bokaro News : सीसीएल में पांच नयी कोल वाशरी जल्द अस्तित्व में आयेंगी.

सीसीएल में सालाना 14.5 मिलियन टन क्षमता वाली पांच नयी कोल वाशरी जल्द अस्तित्व में आयेंगी. इसमें कथारा क्षेत्र में 400 करोड़ रुपये की लागत से पुरानी वाशरी के निकट नयी वाशरी का निर्माण होगा. इसका क्षमता सालाना तीन मिलियन टन होगा. कथारा एरिया की स्वांग वाशरी भी 50 साल पुरानी हो चुकी है. इसकी उत्पादन क्षमता .75 मिलियन टन थी, जिसे अब घटा कर .2 मिलियन टन कर दिया गया है. स्वांग में भी इस वाशरी के स्थान पर सालाना 1.5 मिलियन वॉश्ड कोल क्षमता की वाशरी बनेगी. इसके अलावा ढोरी में तीन मिलियन टन, न्यू केदला में चार तीन मिलियन टन और रजरप्पा में तीन मिलियन टन क्षमता वाली वाशरी बनेगी.

करगली और ढोरी में भी नयी वाशरी लगाने की है योजना

बीएंडके एरिया की बंद करगली कोल वाशरी के स्थान पर भी एक नयी वाशरी लगाने की योजना है. सीसीएल मुख्यालय के वाशरी प्रबंधन का मानना है कि इसके लिए यहां सारा इंफ्रास्ट्रक्चर है. बगल की कोलियरियों से कोयला भी मिल जायेगा. जमीन भी उपलब्ध है. मालूम हो कि वर्ष 2020 में सुरक्षा का हवाला देते हुए इस वाशरी को बंद कर दिया गया था. बेरमो कोयलांचल अंचर्गत सीसीएल के ढोरी एरिया में भी सालाना तीन मिलियन टन क्षमता का एक नया वाशरी आना है. सीसीएल के तत्कालीन डीटी (पीएंडपी) तथा वर्तमान में कोल इंडिया के चेयरमैन बी साइराम के कार्यकाल में ढोरी एरिया में सालाना तीन मिलियन टन क्षमता का एक नया वाशरी का पपोजल कोल इंडिया बार्ड से एप्रुवल होने बाद अवार्ड हुआ. ढोरी एरिया के तारमी में इस वाशरी का निर्माण किया जाना है. जिस जगह पर वाशरी का निर्माण किया जाना है वहां पर 12 हैक्टेयर क्लीयर फोरेस्ट लैंड था जिसका स्टेज वन तथा स्डेज दो का क्लीयरेंस भी हो गया था. लेकिन कुछ कारणो से जमीन हैंड ओवर नही हुआ. फिलहाल इसकी प्रक्रिया चल रही है और आने वाले समय में ढोरी एरिया में भी एक नया वाशरी आयेगा.

कोयला मंत्रालय ने शुरु किया है मिशन कोकिंग कोल प्लान

कोयला मंत्रालय ने इस्पात क्षेत्र की मांग के अनुमान को ध्यान में रखते हुए मिशन कोकिंग कोल शुरू किया है. इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक घरेलू कच्चे कोकिंग कोल उत्पादन को 140 मीट्रिक टन तक बढ़ाना है. बीसीसीएल और सीसीएल की पुरानी कई वाशरियों के आधुनिकीकरण और जीर्णोद्धार के साथ नयी कोकिंग वाशरी बनाने की योजना है. कोयला मंत्रालय ने निजी क्षेत्र को 14 कोकिंग कोल ब्लॉक दिया है. इनमें से वर्ष 2028-29 तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है.

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