Bokaro News :बिना व्यावसायिक जरूरत के चंदनकियारी में खड़ा कर दिया 5.09 करोड़ का मॉल

Bokaro News : सरकारी धन का दुरुपयोग. नियंत्रक व महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में निर्माण पर उठाये सवाल

Bokaro News : सीपी सिंह, बोकारो. बोकारो जिला परिषद ने बिना व्यावसायिक जरूरत के चंदनकियारी में 5.09 करोड़ रुपये की लागत से मॉल बना दिया. नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह कहा गया है. रिपोर्ट के अनुसार, मॉल के लिए चुनी गयी जगह 90 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्र में आती है. व्यावसायिक उपयोग का बिना आकलन किये मॉल बनाने का निर्णय ले लिया गया. जनवरी 2014 में जिला परिषद की बैठक में मॉल बनाने का निर्णय लिया गया था. इसे अगस्त 2014 में मंजूरी मिली और मार्च 2018 में निर्माण कार्य पूरा हुआ था.

जिला परिषद ने कुछ कहा, कैग ने पाया कुछ : जांच के क्रम में जिला परिषद (मार्च 2024) ने कहा था कि चंदनकियारी में मॉल बनाने का निर्णय क्षेत्र में उद्योग की स्थापना के कारण अपेक्षित व्यावसायिक गतिविधि व आवासीय आवश्यकताओं को देखते हुए लिया गया था. हालांकि, कैग की जांच में पाया गया कि मॉल के लिए चुनी गयी जगह एक ऐसे क्षेत्र में आती है, जहां 90 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण आबादी है. मॉल स्थापित करने के लिए जिला परिषद बोकारो की ओर से बिना किसी व्यावसायिक व्यवहार्यता के मूल्यांकन के यह निर्णय लिया गया.

66 पंखे चोरी, एफआइआर तक दर्ज नहीं :

नियंत्रक व महालेखा परीक्षक ने पांच मार्च 2024 के भौतिक सत्यापन में पाया कि लंबे समय तक मॉल का उपयोग नहीं होने व रखरखाव नहीं होने के कारण इमारत की हालत खराब हो गयी है. इमारत की दीवार, फर्श, सीढ़ियां, रेलिंग, खिड़कियां आदि क्षतिग्रस्त हो गयी हैं. इसके अलावा इमारत में लगे 66 पंखे चोरी होने की सूचना मिली थी. बड़ी बात यह है कि चोरी गये पंखों को लेकर थाना में कोई प्राथमिकी तक दर्ज नहीं करायी गयी. इतना ही नहीं, क्षतिग्रस्त दीवार, फर्श, सीढ़ियों आदि की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया.

तीन करोड़ से 10 लाख रुपये तक पहुंच गयी सुरक्षा राशि :

निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने मॉल में दुकान व हॉल के आवंटन के लिए वर्ष 2019 में सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की थी. परिषद ने चास व चंदनकियारी में मॉल की नीलामी के लिए तीन करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि व तीन लाख रुपये मासिक किराया के साथ सार्वजनिक सूचना फरवरी 2018 में प्रकाशित की. लेकिन एक साल के बाद फरवरी 2019 में सुरक्षा राशि घटा कर 2.68 करोड़ रुपये कर दी गयी. मई 2019 तक सुरक्षा राशि घटा कर 1.48 करोड़ रुपये कर दी गयी. हालांकि, जुलाई 2019 तक चंदनकियारी मॉल के लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ. फरवरी 2019 से जून 2020 के दौरान सार्वजनिक सूचना में मॉल का मासिक किराया प्रकाशित नहीं किया गया. लेकिन बिडर को आकर्षित करने के लिए मॉल की सुरक्षा राशि को जुलाई 2019 में 89 लाख रुपये और अक्तूबर 2023 में 10 लाख रुपये कर दिया गया. इसके बाद मेसर्स ब्लैक पैंथर गार्ड व सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने मॉल के लिए प्रस्ताव भेजा. नवंबर 2023 में एक वर्ष के लिए एकमात्र तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाता को 1.43 लाख के मासिक किराया व 10 लाख रुपये सुरक्षा राशि पर मॉल आवंटित करने का निर्णय लिया गया. कैग की रिपोर्ट में दर्ज है कि एजेंसी ने 50 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट नवंबर 2023 में ही जमा कर दिया था. लेकिन जिला परिषद ने एजेंसी को मॉल नहीं सौंपा. अब तक इस मॉल को उपयोग में नहीं लाया जा सका है.

कोटपिछले दिनों डीडीसी ने चंदनकियारी बीडीओ के साथ मॉल का भ्रमण किया था. मॉल शुरू करने के लिए सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की जायेगी. इमारत की मरम्मत करायी जायेगी. जहां तक पहले बोलीदाता की बात है, उसे कॉन्ट्रेक्ट के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनसे रुचि नहीं ली.

-हरिदास, अभियंता, बोकारो जिला परिषद

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By Manoj kumar

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