चास/चंदनकियारी : राज्य स्थापना दिवस के दिन रांची में पारा शिक्षकों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में पारा शिक्षकों का आंदोलन जारी है. रविवार को कई जगह मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के चास प्रखंड अध्यक्ष दिलीप कुमार महतो ने बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार के खिलाफ पारा शिक्षक आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है.
20 नवंबर से जेल भरो आंदोलन शुरू किया जायेगा. 19 नवंबर को बोकारो विधायक के आवास का अनिश्चितकालीन घेराव कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. श्री महतो ने कहा कि झारखंड के पारा शिक्षकों को छत्तीसगढ़ की तर्ज पर स्थायी करना होगा.
अन्य मांगों में सीधी नियुक्ति प्रक्रिया में टेट पास शिक्षकों को आरक्षण का लाभ, सरकारी स्कूलों में नियोजन के तहत 50 फीसदी सीट सुरक्षित करने, पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष का गठन व टेट पास पारा शिक्षकों की डिग्री की वैधता दो साल बढ़ाने की बात शामिल है. मांगों को पूरा कराये बिना आंदोलन खत्म नहीं किया जायेगा.
इधर, चंदनकियारी प्रखंड एकीकृत पारा शिक्षक मोर्चा की ओर से रविवार को चंदनकियारी बाइपास सड़क पर मुख्यमंत्री रघुवर दास का पुतला दहन किया गया. गिरफ्तार पारा शिक्षकों को मुक्त करने और बर्खास्तगी वापस करने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गयी. आंदोलन का नेतृत्व प्रखंड अध्यक्ष सीमंत घोषाल ने किया.
निजामुद्दीन अंसारी, अजय सिंह, हीरालाल रजवार, फूलचंद महतो, पद्मावती कुमारी, सेफली रजवार, राजेश ओझा, कुमारी सनका, अलका देवी, अश्विनी शर्मा, उमेश महतो, परमेश्वर शर्मा, भरत मांझी, सावित्री कुमारी, पुष्पा मोदी, स्वपन सूरज, राजेंद्र राय, नयन वाला देवी, आशा बाउरी, ललिता महतो, कंचन टुडू, अमर नाथ बाउरी आदि उपस्थित थे.
