गड्ढों में तब्दील कथारा-तेनुघाट मुख्य सड़क हुई खतरनाक

ग्रामीणों को 20 किमी दूरी तय कर गोमिया होकर जाना पड़ता है तेनुघाट सड़क की मरम्मत नहीं होने से बढ़ रहा है आक्रोश कथारा : कथारा चौक से बाइपास झिरकी होते हुए बेरमो अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट को जोड़ने वाली सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गयी है. बरसात में गड्ढों में पानी भरने से दर्जनों […]

ग्रामीणों को 20 किमी दूरी तय कर गोमिया होकर जाना पड़ता है तेनुघाट

सड़क की मरम्मत नहीं होने से बढ़ रहा है आक्रोश

कथारा : कथारा चौक से बाइपास झिरकी होते हुए बेरमो अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट को जोड़ने वाली सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गयी है. बरसात में गड्ढों में पानी भरने से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में करने में दिक्कत हो रही है. इस जर्जर सड़क होकर सैकड़ों ग्रामीणों रोजाना बेरमो अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट आवागमन करते हैं. सड़क उबड़-खाबड़ होने के कारण कई बार दुर्घटनाएं घट चुकी है. मजबूरन लोग कथारा चौक से सात किमी की जगह गोमिया होसिर, साड़म होकर करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय कर तेनुघाट आना-जाना कर रहे हैं. इस जर्जर सड़क के किनारे गोमिया प्रखंड अंतर्गत बांध बस्ती, कमल टोला, महलीबांध, दुधमटिया, झिरकी, पलानी, नैनाटांड सहित दर्जनों गांव स्थित है. वर्षों से इस सड़क की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों में सरकार, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी है.

बजट में कम राशि मिलने के कारण मरम्मत में दिक्कत

बजट में राशि काफी कम मिलने के कारण जर्जर कथारा-तेनुघाट सड़क की मरम्मत कार्य में दिक्कत हो रही है. सरकार से अधिक राशि मिलने पर कथारा से झिरकी बाइपास तेनुघाट सड़क की मरम्मत संभव है.

बीडी राम, कार्यपालक अभियंता, आरइओ

पूर्व के जनप्रतिनिधियों ने इस पर कभी इस सड़क पर ध्यान नहीं दिया. यही कारण है कि सड़क जर्जर हो गयी है. इससे ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष बढ़ रहा है.

गोपाल यादव, पंसस

जनप्रतिनिधि इस जर्जर सड़क की मरम्मत करवाने में असफल हैं. वर्तमान विधायक को इस पर ध्यान देना चाहिए. ग्रामीणों को आवागमन करने में दिक्कत हो रही है.

कथारा : सड़क जर्जर होने से बांध, झिरकी, सरहचिया के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. इन पंचायतों के सैकड़ों बच्चे जर्जर सड़क होकर स्कूल आवागमन करते हैं.
राजेश्वर रविदास
सड़क जर्जर होने से अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट जाने के लिए परेशानी हो रही है. अगर यही स्थिति रही तो ग्रामीण आंदोलन के लिए विवश होंगे.
इसराफिल अंसारी, झिरकी
वर्षों से यह सड़क जर्जर है. लोगों को साड़म गोमिया होकर आवागमन करना पड़ रहा है. इस सड़क की मरम्मत पर सरकार को ध्यान देना चाहिए.
सहदेव रविदास
सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बनने के कारण दुर्घटनाएं हो रही है. स्थानीय जनप्रतिनिधि इस समस्या की अनदेखी की जा रही है. इससे ग्रामीणों में रोष है.
नागेश्वर यादव, पंसस, सरहचिया

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