विकास कार्य से नक्सल पर होगी जीत : डीसी

बोकारो : डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल की अध्यक्षता में सोमवार को यूनिफाइड कमांड की बैठक कार्यालय कक्ष में हुई. इसमें वामपंथ उग्रवाद व अन्य नक्सली संगठनों की जिले में उपस्थिति व इनसे निबटने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया. डीसी ने कहा : यूनिफाइड कमांड क्षेत्र बोकारो जिले में मुख्यतः गोमिया, नावाडीह व कसमार में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 14, 2018 7:10 AM
बोकारो : डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल की अध्यक्षता में सोमवार को यूनिफाइड कमांड की बैठक कार्यालय कक्ष में हुई. इसमें वामपंथ उग्रवाद व अन्य नक्सली संगठनों की जिले में उपस्थिति व इनसे निबटने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया. डीसी ने कहा : यूनिफाइड कमांड क्षेत्र बोकारो जिले में मुख्यतः गोमिया, नावाडीह व कसमार में फैला हुआ है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का कार्य व अधिक से अधिक जन उपयोगी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचा कर ही उग्रवाद को समाप्त किया जा सकता है.
यूनिफाइड कमांड क्षेत्रों में आम जनता की सुविधा के लिए उनके यहां ही मेडिकल कैंप, पेंशन व खाता खोलने संबंधी कैंप आदि की व्यवस्था की जायेगी. इस कार्य में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से एक-दूसरे का सहयोग करेंगे. बैठक के दौरान एसपी कार्तिक एस, सीआरपीएफ कमांडेंट 26 बटालियन अखिलेश कुमार सिंह, अपर समाहर्ता जुगनू मिंज, चास एसडीएम सतीश चंद्रा, बेरमो (तेनुघाट) एसडीओ प्रेम रंजन, चास एसडीपीओ महेश प्रसाद, सीसीआर डीएसपी रजत मणी बाखला, सिटी डीएसपी अजय कुमार, जिला योजना पदाधिकारी पीबीएन सिंह सहित अन्य उपस्थित थे.
लांग रेंज पेट्रोलिंग पर डाॅक्टर व पदाधिकारियों को साथ ले जायें : डीसी ने सीआरपीएफ के कमाडेंट को निर्देश दिया कि जब भी लांग रेंज पेट्रोलिंग पर जायें, तो असैनिक पदाधिकारियों डाॅक्टर, प्रशासनिक पदाधिकारी आदि को भी अपने साथ लेकर जायें. वे उक्त क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का प्रत्यक्ष रूप से समाधान करेंगे.
वहीं कमांड क्षेत्र में स्थित कोई भी सरकारी भवन जैसे स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र आदि बंद पाये जाते है, तो इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि शीघ्र ही खुलवाने व चालू कराना सुनिश्चित किया जा सके.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को मिलेगी सुविधाएं : डीसी ने कहा : नक्सली हिंसा के शिकार परिवारों को जो भी देय राशि प्राप्त होनी है. उसे भी अविलंब उपलब्ध कराया जायेगा. जिस नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है, उन्हें सरकार की नीति के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी.