चास : राजस्थान की सवाई माधोपुर जिला की पुलिस ने वहीं के सेवानिवृत्त कर्मी राम अवतार सिंह को गुरुवार की देर रात चास के गुजरात लॉज के 306 नंबर कमरे से मुक्त कराया. शुक्रवार की सुबह पुन: राजस्थान की पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिये लॉज के सीसीटीवी कैमरे की जांच करने पहुंची.
राजस्थान पुलिस के अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि राम अवतार सिंह की पुत्री कृष्णा देवी ने सवाई थाना में पिता के अपहरण करने की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. अपराधियों ने उन्हें छोड़ने के एवज में लगभग तीन लाख रुपये की मांग की थी. उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर को ट्रेस करते हुए हमलोग चास पहुंचे हैं. बताया कि अपराधियों ने उन्हें कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया था. अपराधियों की पहचान करने के लिये सीसीटीवी कैमरा खंगाला गया है. इसमें बोकारो पुलिस ने भी सहयोग किया है.
क्या है मामला
वीरेंद्र सिंह ने बताया कि बीते 30 जून को एक दलाल जगदीश सैनी के माध्यम से रामअवतार सिंह के पुत्र की शादी बोकारो की एक युवती से करायी गयी थी. शादी के एक दिन बाद ही दुल्हन सभी जेवरात लेकर फरार हो गयी. इसका मूल्य लगभग 80 हजार रुपये है. दुल्हन के फरार होने के बाद रामअवतार ने जगदीश को पकड़ा और घटना की जानकारी दी.
लेकिन जगदीश ने उन्हें बरगलाते हुए 19 जुलाई को बोकारो लेकर आ गया. यहां जगदीश, युवती व अन्य कुछ लोगों ने उन्हें जबरन बंधक बना लिया और चास के गुजरात लॉज में कैद कर लिया. उन्हें डरा-धमका कर छोड़ने के एवज में परिजनों से लगभग तीन लाख रुपये दिलवाने की मांग की. फिरौती की मांग के लिये अपराधियों ने रामअवतार की पुत्री कृष्णा देवी को फोन किया था.
जिसके बाद पुत्री ने सवाई थाना में मामला दर्ज कराया. उन्होंने बताया कि इस मामले में अपराधियों ने बोकारो महिला थाना में रामअवतार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने गुरुवार को पहुंचे थे. लेकिन फिलहाल सभी अपराधी फरार हैं. अपराधियों के धर-पकड़ के लिए बोकारो पुलिस का सहयोग लिया जा रहा है.
