बोकारो-चास व आसपास के क्षेत्रों में सरकारी तालाबों की स्थिति काफी दयनीय है. प्रशासनिक उदासीनता के कारण दिनों-दिन सरकारी तालाब सिमटते जा रहे हैं. इन पर भू-माफियाओं की नजर है. जल क्षेत्रों को धीरे-धीरे भर अतिक्रमण किया जा रहा है. शिकायत मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है. बोकारो जिले में 1629 सरकारी तालाब, करीब 5000 निजी तालाब हैं.
वहीं चास नगर निगम क्षेत्र में 18 सरकारी तालाब हैं. अधिकांश तालाबों के पानी से दुर्गंध आती है. चास के जोधाडीह मोड़ स्थित सोलागीडीह तालाब व बड़कुल्ही स्थित भोलूर बांध की सबसे बड़े तालाबों में गिनती होती है. इन दोनों तालाबों का स्थिति काफी खराब है. नालियों का गंदा पानी तालाब में ही गिराया जाता है. इसके कारण पानी का रंग हरा हो गया है. स्थानीय लोगों के विरोध करने पर निगम चूना व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर छोड़ देता है.
आधा दर्जन तालाब अतिक्रमण के शिकार : जोधाडीह मोड़ स्थित महतो बांध सहित आधा दर्जन तालाब अतिक्रमण के शिकार हैं. महतो बांध सात एकड़ जमीन पर है, जबकि दो एकड़ के आसपास जमीन अतिक्रमित की जा चुकी है. तालाब को बीते तीन माह पूर्व अतिक्रमण मुक्त कराया गया था. बावजूद पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका. वहीं भोलूर बांध की दो एकड़ जमीन भू-माफिया ने अतिक्रमित कर ली है. भोलूर बांध छह एकड़ 75 डिसमिल में है.
स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बीते वर्ष चास अंचलाधिकारी ने नापी करायी थी. इसमें आधा दर्जन लोगों को चिह्नित किया गया. एक वर्ष बीत जाने के बाद भी भोलूर बांध को अतिक्रमणमुक्त करने का प्रयास नहीं किया गया. वहीं रामनगर कॉलोनी स्थित पुराना बांध को स्थानीय लोगों द्वारा कूड़ा-कचरा डाल कर लगातार भरने का प्रयास किया जा रहा है. इसका लाभ भी भू-माफिया उठा रहे हैं.
मुख्य बातें
1629 सरकारी तालाब हैं बोकारो जिले में
5000 हैं निजी तालाब
18 सरकारी तालाब चास ननि क्षेत्र में
चास के जोधाडीह मोड़ स्थित सोलागीडीह तालाब व बड़कुल्ही स्थित भोलूर बांध की स्थिति दयनीय
नालियों का गंदा पानी तालाब में ही गिरता है
महतो बांध सहित आधा दर्जन तालाब अतिक्रमण के शिकार
भोलूर बांध की दो एकड़ जमीन भू-माफिया ने अतिक्रमित की
महतो बांध सात एकड़ जमीन पर है. दो एकड़ के आसपास जमीन अतिक्रमित
पुराना बांध को स्थानीय लोग कूड़ा-कचरा डाल कर भरने का प्रयास कर रहे हैं
