राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण ने फैसला सुरक्षित रखा
बोकारो : इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स लिमिटेड की नीलामी में वेदांता की योग्यता को चुनौती देने के मामले में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की कोलकाता बेंच ने बुधवार को अपना फैसला एकबार फिर सुरक्षित रख लिया. रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (दिवाला मामले में समाधान के लिए नियुक्त पेशेवर) और कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) ने इलेक्ट्रोस्टील को दिवाला कानून की प्रक्रिया के तहत खरीदने के वेदांता लिमिटेड और टाटा स्टील के प्रस्ताव को राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण की कोलकाता पीठ में योग्य बोलीकर्ता करार दिया था, जबकि दूसरी ओर अभिषेक डालमिया की रेनंसा स्टील इंडिया ने फैसले को चुनौती दी थी.
बुधवार को एनसीएलटी की कोलकाता बेंच में वेदांता के मामले की सुनवाई पूरी हो गयी जबकि टाटा स्टील के मामले में बेंच में टाटा स्टील के वकीलों ने कुछ समय मांगा. एनसीएलटी के न्यायाधीश जीनन केआर और न्यायाधीश मदन बालाचंद्र गोसावी ने मामले को सुरक्षित रख लिया और उन्हें अगली सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया.
उल्लेखनीय है कि ऋणदाताओं की समिति ने 29 मार्च की बैठक में वेदांता की बोली को स्वीकृति दे दी थी और उसी मामले की सुनवाई चल रही है.
