पेपर लीक मामले में नहीं हुई किसी आइटीआइ पर कार्रवाई

चास : पेपर लीक मामले में अभी तक किसी भी आइटीआइ पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. जबकि जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई करने के लिये राज्य सरकार को पत्र लिखा गया था. गौरतलब हो कि बोकारो डीसी के निर्देश पर 12 फरवरी को देर रात चास के बिरसा व आशा आइटीआइ एवं […]

चास : पेपर लीक मामले में अभी तक किसी भी आइटीआइ पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. जबकि जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई करने के लिये राज्य सरकार को पत्र लिखा गया था. गौरतलब हो कि बोकारो डीसी के निर्देश पर 12 फरवरी को देर रात चास के बिरसा व आशा आइटीआइ एवं बालीडीह के जेपीएस मेमोरियल आइटीआइ में छापेमारी की गयी थी.

इसमें संस्थान के संचालकों के मोबाइल में प्रश्नपत्र पाया गया था. छापेमारी दल ने आशा आइटीआइ के संचालक सहित सात कर्मी को गिरफ्तार किया गया था. इन सभी के पास से 16 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप व एक लाख 24 हजार 570 रुपये जब्त किये गये. इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से इन आइटीआइ का मान्यता खत्म करने के लिए राज्य सरकार व श्रम नियोजन विभाग को लिखा गया था, लेकिन करीब डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इस कारण निजी आइटीआइ के संचालक बेखौफ काम कर रहे हैं.

एनसीवीटी को करना है मान्यता रद्द : निजी आइटीआइ संचालन करने की मान्यता एनसीवीटी भारत सरकार की ओर से दी जाती है. इस दिशा में कार्रवाई करने का अधिकार एनसीवीटी को है. प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार व श्रम नियोजन विभाग की ओर से पेपर लीक मामले में कार्रवाई करने के लिये अभी तक एनसीवीटी को सूचित नहीं किया गया है.
पेपर लीक मामले में संबंधित आइटीआइ के खिलाफ कार्रवाई के लिए श्रम नियोजन व प्रशिक्षण विभाग को लिखा गया था. इस मामले में क्या कार्रवाई हुई, जानकारी नहीं है. फिर से संबंधित विभाग के अधिकारी से वार्ता की जायेगी.
मृत्युंजय कुमार बरनवाल, डीसी, बोकारो

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