जब कोई साथ नहीं देता तो भगवान साथ होते हैं : गोविंदकृष्ण

राम मंदिर – 01 में श्रीमद् भागवत कथा रस वृष्टि कार्यक्रम चौथे दिन प्रह्लाद चरित्र गजेंद्र मोक्ष आदि कथा की चर्चा बोकारो : जमाना मतलबी है. सभी मतलब के साथी होते हैं. जब मतलब निकल जाता है, तो लोग संबंध तोड़ लेते हैं. जब उम्मीद का हर रास्ता बंद हो जाता है, तो भगवान उम्मीद […]

राम मंदिर – 01 में श्रीमद् भागवत कथा रस वृष्टि कार्यक्रम

चौथे दिन प्रह्लाद चरित्र गजेंद्र मोक्ष आदि कथा की चर्चा
बोकारो : जमाना मतलबी है. सभी मतलब के साथी होते हैं. जब मतलब निकल जाता है, तो लोग संबंध तोड़ लेते हैं. जब उम्मीद का हर रास्ता बंद हो जाता है, तो भगवान उम्मीद बन कर सामने आते हैं. सोमवार को सेक्टर 01 स्थित राम मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा रस वृष्टि कार्यक्रम में कथा व्यास गोविंद कृष्ण शास्त्री प्रवचन दे रहे थे. सात दिवसीय कार्यक्रम के चौथे दिन प्रह्लाद चरित्र, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम कथा, चंद्रवंशी राजा व कृष्ण जन्मोत्सव पर चर्चा की गयी.
श्री गोविंद कृष्ण ने कहा : संस्कृति जीवन का आधार होता है. संस्कृति की रक्षा जीवन के लिए जरूरी है. संस्कृति के क्षय के साथ जीवन मूल्य का हरण हो रहा है. संस्कृति का हरण ही पाप माना गया है. जब पाप सीमा से बाहर आता है तो संसार व संस्कृति की रक्षा करने भगवान अवतार लेते हैं. श्रीराम, श्रीकृष्ण समेत दशावतार दुनिया को पाप मुक्त बनाने के लिए ही हुआ. कहा : घमंड व क्रोध मनुष्य का दुश्मन है. क्रोध विवेक को नष्ट करता है, जबकि घमंड साथ देने वालों से दूरी बढ़ा देता है. मौके पर रवींद्र पांडेय, लालभूषण मिश्र, मनोज कुमार, सुरेंद्र यादव, संदीप कुमार, गंणेश तिवारी समेत दर्जनों श्रद्धालु मौजूद थे.

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