बोकारो : बीएसएल समेत सेल की सभी इकाई में पेंशन मसला लंबे समय से छाया हुआ है. कर्मचारी पेंशन स्कीम 1995 के मूल्यांकन व पुनर्विचार की जरूरत महसूस होने लगी है. इस दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है. मूल्यांकन के लिए लेबर डेवलपमेंट मंत्रालय की ओर से पहल शुरू कर दी गयी है. बाकायदा एक कमेटी गठित की गयी है. कमेटी लोकसभा सदस्य एनके प्रेमचंद्रन के साथ आगे की चर्चा करेगी. तीन माह के अंदर कमेटी सरकार को विभिन्न पहलुओं से अवगत करायेगी.
लेबर डेवलपमेंट अतिरिक्त सचिव को बनाया गया है अध्यक्ष : कमेटी में सरकार से लेकर कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल शामिल है. लेबर डेवलपमेंट मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव हीरालाल समरिया को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं पीएचडीसीसीआइ रवि विग व भारतीय मजदूर संघ के वृजेश उपाध्याय कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करेंगे.
इपीएफओ के वीपी जॉय व लेबर डेवलपमेंट मंत्रालय के ज्वाइंट सचिव आरके गुप्ता को सदस्य बनाया गया है. एक अन्य सदस्य का चयन कमेटी के विवेकानुसार होगा.
अधिकारियों-कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफा
सेल ने अधिकारियों व कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में इजाफा किया है. अधिकारियों के जनवरी से मार्च तक के भत्ता में 2.6 प्रतिशत व कर्मचारियों के भत्ता में 1.7 फीसदी का इजाफा हुआ.
इजाफा ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर किया गया है. अधिकारियों को मूल वेतन का 126.9 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय होगा. वहीं कर्मचारियों को मूल वेतन का 44.8 प्रतिशत भत्ता मिलेगा. इसका सीधा असर वेतन में होगा. इस संबंध में सेल के पर्सनल विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गयी है. बीएसएल के लगभग 2500 अधिकारी समेत 14000 कर्मी को सीधे तौर पर फायदा होगा. भत्ता संबंधी अधिसूचना 31 मार्च तक लागू रहेगा.
