Bharatmala Project: झारखंड में कहां-कहां बन रही भारतमाला की सड़क? इन जिलों की बदलेगी तस्वीर, जमीन देने वालों के मुआवजे पर भी बड़ा अपडेट

झारखंड में भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण से कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है. रामगढ़ प्रशासन ने जमीन देने वाले रैयतों के लंबित मुआवजा मामलों के निपटारे के लिए विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया है. इस परियोजना का असर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के जीवन पर भी पड़ेगा.

Bharatmala Project: झारखंड में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाली भारतमाला परियोजना के काम के साथ जमीन अधिग्रहण और मुआवजे का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बना हुआ है. रामगढ़ जिले में भारतमाला समेत सड़क विकास की विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित रैयतों के लंबित मुआवजा मामलों को जल्द निपटाने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. रामगढ़ के उपायुक्त ऋतुराज ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराने और लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष कैंप लगाने का निर्देश दिया है.

भारतमाला परियोजना से बदलेगी सड़क कनेक्टिविटी

भारत सरकार की भारतमाला परियोजना का उद्देश्य देश में महत्वपूर्ण आर्थिक और माल परिवहन गलियारों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है. झारखंड में भी इससे जुड़े राष्ट्रीय राजमार्ग और आर्थिक गलियारा परियोजनाओं पर काम हो रहा है. केंद्र सरकार के अनुसार भारतमाला परियोजना के पहले चरण में देशभर में 34,800 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की योजना बनायी गयी थी.

झारखंड में भारतमाला से जुड़े महत्वपूर्ण हिस्सों में बोकारो-जैनामोड़ से गोला होते हुए ओरमांझी की दिशा में विकसित की जा रही सड़क परियोजना भी शामिल है. इस परियोजना से रामगढ़ और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें: Jharkhand Weather Alert: सावधान! आज से 3 दिन झारखंड में आफत की बारिश, इन जिलों में वज्रपात का भी खतरा

रामगढ़ में जमीन देने वाले रैयतों के लिए क्या है नया अपडेट?

भारतामाला और अन्य सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले कई रैयतों के मुआवजे से जुड़े मामले लंबित हैं. इसी को देखते हुए रामगढ़ डीसी ने 26 अगस्त को संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया.

प्रशासन की ओर से दस्तावेजों के सत्यापन और लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष कैंप लगाने की बात कही गयी है. इसका उद्देश्य प्रभावित रैयतों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और पात्र लोगों को उनका मुआवजा जल्द उपलब्ध कराना है.

किन इलाकों में परियोजना का असर?

रामगढ़ के गोला क्षेत्र में भारतमाला परियोजना को लेकर पहले भी किसानों ने जमीन और निर्माण कार्य से जुड़ी समस्याएं उठायी हैं. जुलाई में रायपुरा गांव के किसानों ने आरोप लगाया था कि सड़क निर्माण के कारण खेतों में जलभराव हो रहा है और मिट्टी डंप किये जाने से खेती प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने उचित मुआवजा, जल निकासी और बाईपास निर्माण की मांग की थी.

इससे साफ है कि भारतमाला परियोजना जहां एक ओर बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी की उम्मीद जगा रही है, वहीं दूसरी ओर निर्माण क्षेत्र में रहने वाले किसानों और रैयतों के लिए जमीन, मुआवजा, जल निकासी और स्थानीय आवागमन जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं.

यह भी पढ़ें: रांची: लिव-इन रिश्ते में तनाव के बीच युवक ने दी जान, मोबाइल वीडियो की बात से पुलिस जांच में जुटी

परियोजना पूरी होने पर क्या होगा फायदा?

भारतामाला से जुड़ी सड़क परियोजनाओं के पूरा होने के बाद झारखंड के कई औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है. बेहतर सड़क नेटवर्क से माल ढुलाई का समय कम हो सकता है और औद्योगिक क्षेत्रों, बाजारों तथा प्रमुख शहरों के बीच आवागमन आसान हो सकता है.

रामगढ़-बोकारो क्षेत्र के लिए यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र कोयला, उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है. बेहतर सड़क संपर्क का फायदा स्थानीय कारोबार, परिवहन और रोजगार से जुड़े क्षेत्रों को भी मिल सकता है.

विकास के साथ मुआवजा भी बड़ी चुनौती

किसी भी बड़े सड़क प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक होता है. भारतमाला परियोजना के मामले में भी विकास और प्रभावित रैयतों के हितों के बीच संतुलन जरूरी है. रामगढ़ प्रशासन का ताजा निर्देश इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

अब लोगों की नजर इस बात पर है कि लंबित मुआवजा मामलों का निपटारा कितनी तेजी से होता है और विशेष कैंप के माध्यम से कितने रैयतों को इसका लाभ मिलता है.

यानी भारतमाला की सड़क सिर्फ झारखंड की कनेक्टिविटी नहीं बदलेगी, बल्कि इसके रास्ते में आने वाले गांवों और जमीन मालिकों की जिंदगी पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा.

यह भी पढ़ें: क्रिकेट ट्रेनिंग के लिए घर से निकला 11 साल का मासूम लापता, 4 घंटे बाद मिली ऐसी खबर कि छलक पड़े परिजनों के आंसू


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By वैभव विक्रम

वैभव विक्रम प्रभात खबर डिजिटल में डिजिटल पत्रकार हैं. पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और झारखंड से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों, खेल, शिक्षा, लाइफस्टाइल और धर्म से जुड़े विषयों पर काम कर रहे हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के लिए जिलों की खबरें कवर कर रहे हैं.

इससे पहले वर्ष 2023-24 में उन्होंने प्रभात खबर के खेल डेस्क के लिए खबरें लिखीं. वर्ष 2024-26 के दौरान वे न्यूज11 भारत के साथ झारखंड की खबरों पर काम कर चुके हैं. स्थानीय घटनाक्रम और जमीनी मुद्दों को सरल, स्पष्ट और प्रभावी तरीके से डिजिटल पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता का प्रमुख हिस्सा रहा है.

झारखंड के समाचार, खेल, शिक्षा, लाइफस्टाइल और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता में खबरों को पाठकों के लिए उपयोगी, रोचक और सहज बनाने के साथ इन विषयों पर अपने विचार और विश्लेषण प्रस्तुत करना भी पसंद करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >