Babulal Marandi : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और जेपीएससी घोटालों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और कई आरोप लगाए हैं. बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में कहा कि एक के बाद एक हैरान करने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं, लेकिन कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर जेएसएससी-सीजीएल को रद्द करने में मजबूरी बताई जा रही है. उन्होंने मांग की है कि जेएसएससी के प्रभारी चेयरमैन आईएएस प्रशांत कुमार और सचिव सुधीर गुप्ता को तुरंत पद से मुक्त कर उन पर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए.
जेपीएससी-जेएसएससी घोटाले पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाये सवाल
जेपीएससी और जेएसएससी घोटालों का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जेपीएससी घोटाले में इस्तीफा देने वाले ख्यांगते जेल चले गए, तो जेएसएससी घोटाले में इस्तीफा देने वाले नीरज सिन्हा पर मेहरबानी क्यों बरती जा रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा संभवतः इसलिए है क्योंकि ख्यांगते आईएएस अधिकारी रहे हैं और नीरज सिन्हा आईपीएस, जिसके तहत झारखंड पुलिस के जूनियर आईपीएस अधिकारी उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
एफआईआर और सीबीआई जांच की मांग की
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार को आंदोलनकारी छात्रों को इन सभी सवालों का जवाब देना होगा. उन्होंने मांग की कि यदि सरकार की नीयत साफ है, तो आरोपी अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाए. घूस देकर नौकरी पाने वाले वायरल हो रहे नामों वाले लोगों को बिना देर किए पद से हटाया जाए और उन पर कानूनी कार्रवाई हो. छात्रों की मांग के अनुसार पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक ये कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार चाहे जितने भी हथकंडे अपना ले, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है.
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