दुमका: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से फरार चल रहे तीन आरोपियों की तलाश में महाराष्ट्र पुलिस दुमका पहुंची. हंसडीहा थाना पुलिस के सहयोग से तीनों आरोपियों को रेलवे पटरी के पास से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद तीनों को दुमका की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 72 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया गया.
महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की स्थानीय अपराध शाखा और बोराखेड़ी थाना पुलिस की टीम फरार आरोपियों की तलाश में झारखंड के दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र पहुंची थी. पुलिस को आरोपियों की मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनके हंसडीहा क्षेत्र में मौजूद होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया.
मोबाइल लोकेशन से मिली आरोपियों की जानकारी
पुलिस के अनुसार, बुलढाणा जिले के अपराध क्रमांक 399/2026 में धारा 331(4), 305 बीएनएस और बोराखेड़ी थाना के अपराध क्रमांक 313/2026 में धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत दर्ज मामलों में तीनों आरोपी फरार चल रहे थे.
महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने मोबाइल लोकेशन और आरोपियों के भाई के कथित कन्फेशनल बयान से मिली जानकारी के आधार पर हंसडीहा में उनकी तलाश शुरू की. इसके बाद रेलवे पटरी के पास से राजू उर्फ कट्टर अडमास पवार (28 वर्ष), अजय उर्फ गजानन अडमास पवार (22 वर्ष) और चरण शंकर पवार (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया.
हंसडीहा में माला बेच रहे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के रहने वाले हैं और बंजारा समुदाय से संबंधित बताए गए हैं. पुलिस का कहना है कि अपराध के बाद वे हंसडीहा क्षेत्र में माला बेचने का काम कर रहे थे. इसी दौरान उनकी मौजूदगी की जानकारी महाराष्ट्र पुलिस को मिली.
पुलिस टीम से विवाद और हमले के प्रयास का भी उल्लेख
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया चल रही थी. इसी दौरान कुछ परिजनों और अन्य लोगों द्वारा पुलिस टीम के साथ विवाद करने तथा पुलिसकर्मियों पर हमला करने का प्रयास किए जाने का भी स्टेशन डायरी में उल्लेख किया गया है.
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया.
72 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र ले गई पुलिस
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सह विशेष न्यायाधीश मोहित चौधरी की अदालत में पेश किया गया. न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 72 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया. इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस तीनों को अपने साथ लेकर महाराष्ट्र रवाना हो गयी. दुमका में महाराष्ट्र पुलिस की इस कार्रवाई से दूसरे राज्य में दर्ज मामलों में फरार आरोपियों तक पहुंचने में स्थानीय पुलिस के सहयोग की तस्वीर भी सामने आई है.
