झारखंड:बच्चों की तस्करी पर पढ़ें क्या है राज्य के मुखिया की राय

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के बच्चों को तस्करी कर केरल ले जाने के मामले में एसआइटी गठित कर जांच का आदेश दिया है. इस पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश भी दिया है. सीएम ने गुरुवार को केरल में भेजे गये बच्चों के मुद्दे पर अपने आवासीय कार्यालय में उच्च स्तरीय […]

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के बच्चों को तस्करी कर केरल ले जाने के मामले में एसआइटी गठित कर जांच का आदेश दिया है. इस पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश भी दिया है. सीएम ने गुरुवार को केरल में भेजे गये बच्चों के मुद्दे पर अपने आवासीय कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक की. सीएम ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच के लिए सर्वप्रथम पुलिस एफआइआर करे एवं एसआइटी गठन कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले को ले जायें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मात्र एक जिले से तीन से 11 वर्ष के बच्चे-बच्चियों को बाहर ले जाने का मामला गंभीर बात है. इतनी अधिक संख्या में बच्चों को शिक्षा हेतु राज्य से बाहर जाने की घटना को गंभीरता से लिया जाये. ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए विशेष सतर्कता बरतने का उन्होंने निर्देश दिया. सीएम ने सभी जिलों के प्रशासन एवं पुलिस स्टेशन को निगरानी रखने का निर्देश दिया है.

बच्चों का ब्योरा तैयार करें
सीएम ने रेस्क्यू कर लाये गये बच्चों के सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का ब्योरा तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि स्पष्ट हो सके कि किन कारणों से इतने छोटे बच्चों को दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा था. सीएम ने कहा कि यदि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण बच्चों को भेजा गया हो, तो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए सरकारी योजनाओं के तहत उन्हें आवश्यक सहायता पहुंचायी जाये.

बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाये
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाये गये बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाये. यदि आवश्यक हो, तो इनकी शिक्षा के लिए विभाग माइनॉरिटी रेसिडेंशियल स्कूल की संभावना पर भी विचार करे. लड़कियों को सीएम ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय में दाखिला दिलाने की बात कही.

मानव तस्करी विषय पर हो कार्यशाला
सीएम ने कहा कि मानव तस्करी विषय पर ज्यादा संवेदनशील होने की आवश्यकता है. मानव तस्करी विषय पर जीआरपी, पुलिस प्रशासन एवं समाज कल्याण के अधिकारियों को कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों के माता-पिता के रहते हुए उन्हें अनाथ घोषित किया जाना गैर-कानूनी है. इस पर सख्ती बरती जाये.

चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट लागू करें
उन्होंने कहा कि चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट के प्रावधानों को लागू करना होगा. इसके लिए जिला स्तर पर विशेष कार्य योजना तैयार करने की बात भी कही. बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव एनएन पांडेय, कल्याण विभाग के एल ख्यांग्ते, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुखदेव सिंह, समाज कल्याण सचिव राजीव अरुण एक्का, डीजीपी राजीव कुमार, श्रम सचिव राहुल शर्मा, श्रमायुक्त मनीष रंजन समेत गोड्डा के उपायुक्त व अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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