रांची: झारखंड की शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि आदिवासी महिलाएं एकजुट रह कर अपने हक की लड़ाई लड़ें वे परिवार की रीढ़ हैं, पर इसके बावजूद परिवार या समाज में उन्हें पूरा अधिकार नहीं मिलता़ समाज को नशापान मुक्त बनाने के लिए सशक्त कदम उठायें. ट्रैफिकिंग के बारे में जागरूकता फैलायें़ वनाधिकार कानून, अजा, अजजा अत्याचार प्रतिषेध, संपत्ति से जुड़े कानून, वनाधिकार कानून व अन्य कानूनों की जानकारी रखें. श्रीमती उरांव दिल्ली के इंडियन सोशल इंस्टीटय़ूट में भारत में आदिवासी महिलाओं की स्थिति : भविष्य का रास्ता विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं.
नेशनल मिशन फॉर इनपावरमेंट ऑफ वीमेन की कार्यकारी अध्यक्ष रश्मि सिंह ने कहा कि जानकारी की कमी से कई समस्याएं सामने आती हैं़ अपने अधिकार हासिल करने में कोई कसर न छोड़ें. शिक्षा, दक्षता निर्माण, आजीविका, उद्यमिता, आदि के क्षेत्र में आगे बढ़ें़ पारंपरिक ज्ञान का उपयोग भी लाभदायी होगा़ कार्यशाला का आयोजन आदिवासी वीमेंस नेटवर्क झारखंड, एशिया इंडिजिनस पीपुल्स पैक्ट थाईलैंड, इंटर स्टेट आदिवासी वीमेंस नेटवर्क व इंडिजिनस वीमेंस फोरम ऑफ नॉर्थ ईस्ट इंडिया की ओर से किया गया़.
