Bulletproof Jacket: DRDO ने बनाई भारत की सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट, जानें खासियत

Bulletproof Jacket: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मंगलवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. जिससे देश की रक्षा में तैनात सैनिकों को बड़ी मदद मिलेगी. दरअसल DRDO ने सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट तैयार किया है.

Bulletproof Jacket: डीआरडीओ ने बीआईएस के उच्चतम खतरे के स्तर 6 से सुरक्षा के लिए सबसे हल्का बुलेटप्रूफ जैकेट विकसित किया है. रक्षा सामग्री और भंडार अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (डीएमएसआरडीई), कानपुर ने इसे तैयार किया है.

गोला-बारूद से सैनिकों को बचाएगी बुलटप्रुफ जैकेट

डीएमएसआरडीई ने जो सबसे हल्की बुलेटप्रुफ जैकेट 7.62 x 54 आर एपीआई (बीआईएस 17051 के स्तर 6) तैयार किया है, वह सैनिकों को गोला-बारूद से सुरक्षा प्रदान करेगा.

जैकेट का चंडीगढ़ में किया गया था सफलतापूर्वक परीक्षण

हाल ही में इस बुलेटप्रूफ जैकेट का बीआईएस 17051-2018 के अनुसार टीबीआरएल, चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था. यह जैकेट एक नए डिजाइन पर आधारित है, जहां नई प्रक्रियाओं के साथ नयी सामग्री का उपयोग किया गया है.

DRDO ने 18 अप्रैल को किया था क्रूज मिसाइल का सफल प्रक्षेपण-परीक्षण

DRDO ने 18 अप्रैल को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र से ‘स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्रूज मिसाइल’ (आईटीसीएम) का सफल प्रक्षेपण-परीक्षण किया था. डीआरडीओ ने बताया कि परीक्षण के दौरान प्रक्षेपास्त्र की सभी उप-प्रणालियों ने अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन किया. इस प्रक्षेपास्त्र को अन्य प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योगों के योगदान के साथ बेंगलुरु स्थित डीआरडीओ की प्रयोगशाला वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान द्वारा विकसित किया गया है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी थी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आईटीसीएम के सफल प्रक्षेपण-परीक्षण के लिए डीआरडीओ को बधाई दी थी. उन्होंने कहा था कि स्वदेश संचालित लंबी दूरी की ‘सब-सोनिक’ क्रूज मिसाइल का सफल निर्माण भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के लिए एक प्रमुख उपलब्धि है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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