तिरुवनंतपुरम : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर केरल में तिरुवनंतपुरम शाखा के डॉक्टरों और सदस्यों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया. मालूम हो कि केंद्र सरकार द्वारा आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी की मंजूरी दिये जाने का आईएमए ने विरोध किया है.
जानकारी के मुताबिक, आयुष मंत्रालय अंतर्गत आनेवाले भारतीय औषधि परिषद ने स्नातकोत्तर डिग्रीधारक आयुर्वेद चिकित्सकों को सामान्य सर्जरी दिये जाने की अधिसूचना किया है. केंद्र सरकार के फैसले का आईएमए ने विरोध किया है. इसे इंडियन डेंटल एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है.
मालूम हो कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने निजी और सरकारी क्षेत्रों के चिकित्सकों से देश के सभी जिलों में सड़कों पर उतर कर भारतीय औषधि परिषद की इस अधिसूचना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है.
आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पताल, पैथोलॉजी सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर और निजी चिकित्सकों ने शुक्रवार को सुबह छह बजे से शनिवार सुबह छह बजे तक कामकाज ठप कर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है. इस दौरान सिर्फ आपात सेवा और कोरोना वायरस संक्रमितों का इलाज जारी रहेगा.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी की मंजूरी दिये जाने के घातक परिमाण हो सकते हैं. सरकार के इस कदम से अव्यवस्था उत्पन्न होगी. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से फैसले को वापस लेने की मांग की है.
मालूम हो कि एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि ”मिक्सोपैथी / क्रॉसपैथी का समर्थन करनेवाली सरकारी अधिसूचना के मद्देनजर 11 दिसंबर को ब्लैक रिबन डे मनायेंगे.” साथ ही कहा कि ”विभिन्न विधाओं की अधूरी जानकारी प्राप्त करनेवाले चिकित्सकों द्वारा मरीजों का इलाज करना ना तो वैध है और ना ही सुरक्षित.”
