कोलकाता/नयी दिल्ली : चुनाव आयोग ने यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मांगों को मान लिया, तो पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव 10 चरणों में होंगे. सभी बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती की जायेगी और सुरक्षा बलों की तैनाती में केंद्रीय पर्यवक्षकों का फैसला अंतिम होगा.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के नेतृत्व में राज्य भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चुनाव आयोग से मिला. भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव 10 चरणों में कराये जायें.
पर्यवक्षकों का फैसला अंतिम हो : भाजपा
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी मांगों की सूची के साथ निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की और उनसे गुजारिश की कि राज्य में चुनावों के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती का अंतिम अधिकार केंद्रीय पर्यवेक्षकों को हो.
राज्यसभा सदस्य और भाजपा नेता स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि प्रतिनिधमंडल ने दिव्यांग और 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डाक मत पत्र से मत देने संबंधी प्रावधान के दुरुपयोग को लेकर आयोग को अपनी चिंताओं से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की जा सकती है.
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने तृणमूल सरकार पर निशाना साधा
निर्वाचन आयोग पिछले साल वैश्विक महामारी कोरोना के मद्देनजर इस प्रकार की व्यवस्था कर चुका है. पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए श्री दासगुप्ता ने कहा कि ‘पक्षपातपूर्ण’ राज्य प्रशासन इन प्रावधानों का दुरुपयोग कर सकता है.
भाजपा के इस प्रतिनिधिमंडल में दासगुप्ता के अलावा पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव और बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, सांसद अर्जुन सिंह, लॉकेट चटर्जी और अन्य भाजपा नेता शामिल थे. पश्चिम बंगाल में इस साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है.
Posted By : Mithilesh Jha
