दिल्ली विधानसभा चुनाव : शाहदरा में कांग्रेस, बीजेपी और आप तीनों की प्रतिष्ठा दांव पर, मुकाबला दिलचस्प

Shahdara Assembly constituency : पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के शाहदरा विधानसभा सीट पर 2025 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला बहुत रोचक होने जा रहा है. एक ओर जहां आम आदमी पार्टी यहां जीत का हैट्रिक लगाना चाहेगी, वहीं कांग्रेस यह कोशिश करेगी कि वह अपनी पुरानी सीट फिर से प्राप्त करे. बीजेपी भी इस कोशिश में रहेगी कि वह बिजनेस क्लास के बहुसंख्यक उम्मीदवारों को एक बार फिर वह अपने साथ ले आए.

  • दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान
  • 8 फरवरी को होगी मतों की गिनती

Shahdara Assembly constituency : दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पांच फरवरी को होना है और परिणाम 8 फरवरी को जारी होंगे. इस चुनाव में शाहदरा विधानसभा सीट का मुकाबला काफी रोचक होता दिख रहा है. शाहदरा विधानसभा सीट पर पिछले दो चुनाव से आम आदमी पार्टी का कब्जा है और राम निवास गोयल यहां से विधायक चुने गए थे हैं. इस चुनाव में आप ने जितेंद्र सिंह शंटी को चुनावी मैदान में उतारा है.

क्या है शाहदरा विधानसभा सीट का इतिहास

शाहदरा विधानसभा सीट पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट का हिस्सा है. शाहदरा के इतिहास पर अगर गौर करें तो पाएंगे कि इस सीट पर किसी भी पार्टी का दबदबा रहा हो, ऐसा नहीं है. इस सीट के मतदाताओं ने कांग्रेस, अकाली दल, बीजेपी और आप सबके उम्मीदवारों को बारी-बारी से अपना विधायक चुना है. 1993 में यहां के विधायक बीजेपी के राम निवास गोयल थे. 1998, 2003 और 2008 में यहां से कांग्रेस नेता नरेंद्र नाथ विधायक चुने गए. 2013 में BJP के जितेंद्र सिंह शंटी यहां से विधायक बने. 2015 में आप ने इस सीट पर जीत दर्ज की और बीजेपी से आप में आए राम निवास गोयल यहां से 2015 और 2020 में विधायक चुने गए.

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रोचक होगा 2025 का मुकाबला

2025 के विधानसभा चुनाव में शाहदरा विधानभा सीट पर मुकाबला रोचक होने वाला है. एक ओर जहां आम आदमी पार्टी इस सीट को तीसरी बार जीतने की कोशिश करेगी, वहीं बीजेपी भी यह कोशिश करेगी कि जनता उसका साथ थे. शाहदरा वैश्य बहुल क्षेत्र है इसलिए 1998 के चुनाव में बीजेपी के राम निवास गोयल ने यहां से बड़ी जीत दर्ज की थी. लेकिन 1998 में बीजेपी ने राम निवास गोयल का टिकट काट दिया और पार्टी चुनाव हार गई, तब से अबतक शाहदरा से बीजेपी को जीत हासिल नहीं हुई है. 2013 में राम निवास गोयल आप के साथ चले गए और दो बार पार्टी के लिए जीत भी दर्ज की, लेकिन अब वे राजनीति को अलविदा कह चुके हैं, इसलिए आम आदमी पार्टी ने जितेंद्र सिंह शंटी को अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं कांग्रेस की कोशिश भी यह रहेगी कि वह उस सीट को दोबारा अपने कब्जे में ले, जिसपर तीन चुनाव में उनके नेता नरेंद्र नाथ जीत हासिल कर चुके थे. यानी कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि मुकाबला काफी दिलचस्प होगा.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

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रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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