मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा, सीएम केजरीवाल ने किया मंजूर

मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वहीं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है.

मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दोनों का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है. इस्तीफा देने वाले दोनों ही नेता अलग-अलग मामलों में आरोपी हैं. मनीष सिसोदिया फिलहाल 5 दिनों की सीबीआई रिमांड पर हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों मंत्रियों के इस्तीफे के बाद इनके विभाग कैलाश गहलोत और राजकुमार आनंद के बीच वितरित किए जाएंगे.

दोनों नेताओं पर हैं कई आरोप: गौरतलब है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जो चार्जशीट दायर की थी, उसके मुताबिक जैन के पास आय से अधिक संपत्ति है. बता दें, सत्येंद्र जैन दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते हैं. वहीं, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के पास करीब 18 विभागों की जिम्मेदारी थी.

दिल्ली शराब नीति मामले में रिमांड पर हैं सिसोदिया: गौरतलब है कि दिल्ली शराब नीति मामले में सीबीआई ने मनीष सिसोदिया रविवार को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें सर्वोच्च अदालत से भी राहत नहीं मिला. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाई कोर्ट जाने को कहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, CJI जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा कि आपको पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए था, सीधे सुप्रीम कोर्ट से जमानत क्यों मांग रहे हैं.. उन्होंने कहा कि यह ठीक परंपरा नहीं है.

जेल में है सत्येंद्र जैन: मनीष सिसोदिया 5 दिनों की सीबीआई रिमांड पर हैं. शराब नीति को लेकर केंद्रीय एजेंसी उनसे पूछताछ कर रही है. इससे पहले दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को भी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी करार दिया था. जैन के पास स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, गृह, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण और जल संसाधन जैसे मंत्रालय थे.

केजरीवाल के बाद सिसोदिया AAP के सबसे बड़े नेता: दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद दिल्ली के डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया AAP के दूसरे सबसे बड़े नेता माने जाते हैं. उनके पास 18 विभाग थे. सिसोदिया के पास शिक्षा, लोक निर्माण, वित्त, आबकारी जैसे सबसे अहम विभाग तो थे ही, सत्येंद्र जैन के जेल जाने बाद उनके भी विभाग सिसोदिया को ही दे दिए गये थे. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >