Delhi Pollution: दिल्ली NCR में गैर BS6 गाड़ी और ट्रकों की एंट्री पर रोक हटी, GRAP-4 का आदेश वापस

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने कहा कि जीआरएपी चरण चार के तहत प्रतिबंधों से बड़ी संख्या में हितधारक और लोग प्रभावित होते हैं. आयोग ने कहा कि जीआरएपी चरण- चार में उल्लेखित किये गए उपायों की तुलना में और कोई सख्त उपाय नहीं हैं, जो वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किये जा सकते हैं.

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण थोड़ी कम हुई है. लेकिन अब भी वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में शाम चार बजे पिछले 24 घंटों में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 339 दर्ज किया गया जो शनिवार के 381 के मुकाबले कुछ बेहतर है. इधर प्रदूषण में थोड़ी आने के साथ ही सरकार ने GRAP-4 का आदेश वापस ले लिया है. ट्रकों और गैर BS6 इंजन वाली गाड़ियों के प्रवेश पर भी रोक हटा लिया गया है. प्रतिबंध तीन दिन पहले लगाये गए थे.

GRAP-4 के आदेश से बड़ी संख्या में लोग हो रहे थे प्रभावित

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने कहा कि जीआरएपी चरण चार के तहत प्रतिबंधों से बड़ी संख्या में हितधारक और लोग प्रभावित होते हैं. आयोग ने कहा कि जीआरएपी चरण- चार में उल्लेखित किये गए उपायों की तुलना में और कोई सख्त उपाय नहीं हैं, जो वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किये जा सकते हैं. इसलिए जीआरएपी के चरण- चार के तहत उपायों के लिए तीन नवंबर, 2022 को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लेती है.

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GRAP-3 के तहत लागू पाबंदियां रहेंगी जारी

जीआरएपी के चरण एक से तीन के तहत उपाय लागू रहेंगे और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा लागू किये जाएंगे, उनकी निगरानी की जाएगी और समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि एक्यूआई का स्तर आगे ‘गंभीर’ श्रेणी में नहीं आए.

पराली जलाने के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 450 से हो गया था

गौरतलब है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक बृहस्पतिवार को ‘गंभीर’ श्रेणी में 450 पर पहुंच गया था, जिसके बाद प्रशासन ने तमाम कदम उठाए जिसमें गैर-बीएस-6 हल्के डीजल वाहनों (कारों आदि) पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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