दिल्ली आबकारी नीति: CBI मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित, जानिए कब आएगा जजमेंट

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. अदालत सिसोदिया की जमानत याचिका पर अपना फैसला 31 मार्च को सुनाएगी.

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में फंसे आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. अदालत ने शुक्रवार को कहा कि वह सीबीआई द्वारा दर्ज आबकारी नीति मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर अपना फैसला 31 मार्च को सुनाएगी.

केस डायरी के साथ कुछ गवाहों के बयान भी उपलब्ध कराए गए

विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने मामले में आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें सीबीआई (CBI) ने मामले में अपनी दलीलों को लेकर संक्षिप्त नोट सौंपा था. विशेष न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी की नियमित जमानत अर्जी के विरोध में सीबीआई की ओर से एक संक्षिप्त लिखित निवेदन दायर किया गया है. इसकी प्रति के साथ-साथ अभियुक्त के वकील को केस डायरी भी दी गई. केस डायरी के साथ कुछ गवाहों के बयान भी उपलब्ध कराए गए हैं.

सिसोदिया से सात दिनों तक हिरासत में पूछताछ कर चुकी है सीबीआई

इससे पहले, 21 मार्च को अदालत ने मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका (Manish Sisodia Bail Plea Hearing) पर सुनवाई 24 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी थी, ताकि कोई और स्पष्टीकरण और दलीलें दी जा सकें. मालूम हो कि सीबीआई अब तक मनीष सिसोदिया से सात दिनों तक अपनी हिरासत में पूछताछ कर चुकी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने 26 फरवरी को मनीष सिसोदिया को अब रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में गिरफ्तार किया था. ईडी ने 9 मार्च की शाम को तिहाड़ जेल में मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया. दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे मामले के सिलसिले में बंद थे.

Also Read: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल बोले, G-8 मंच का 2024 के लोकसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >