नयी दिल्ली : दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने आज एक बैठक बुलायी थी. बैठक के बाद उन्होंने बताया कि दिल्ली में आरटी-पीसीआर टेस्ट दोगुने कर दिये जायेंगे. मोबाइल टेस्टिंग वैन को जगह-जगह पर तैनात किया जायेगा. कुछ एमसीडी अस्पताल को कोविड अस्पताल में बदला जायेगा, जहां कोरोना के माइल्ड लक्षण वाले मरीजों का इलाज होगा.
अमित शाह ने बताया कि आक्सीजन सिलेंडर, High Flow Nasal Cannula और जरूरी उपकरणों को केंद्र सरकार दिल्ली सरकार को उपलब्ध करायेगी. साथ ही प्लाज्मा डोनेशन के लिए प्रोटोकाल बनाये जाने का निर्देश दिया गया है.
प्राइवेट अस्पतालों में कोविड 19 के मरीजों की जांच किस तरह की जा रही है इसकी जांच के लिए एक मल्टी डिपार्टमेंट की टीम बनायी जायेगी. यह इस बात पर नजर रखेगी कि कोविड 19 के मरीजों का इलाज सही तरीके से हो और उन्हें किसी तरह की परेशानी ना हो.
बैठक के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 20 अक्तूबर के बाद दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ें हैं. अस्पतालों में पर्याप्त कोविड बेड हैं लेकिन आईसीयू बेड की कमीहै, केंद्र सरकार ने हमें आश्वासन दिया है कि डीआरडीओ सेंटर में 750 आईसीयू बेड उपलब्ध करायेगी. साथ ही प्रतिदिन एक लाख कोविड टेस्ट भी किये जायेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में हाल में हुई वृद्धि के मद्देनजर रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की स्थिति का जायजा लिया. शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
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गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री ने दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के चलते उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की और इससे निपटने के तरीकों पर चर्चा की. दिल्ली में कोविड-19 के 3,235 नये मामले सामने आये जिससे रविवार को यहां संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4.85 लाख से अधिक हो गई, वहीं 95 और मरीजों की संक्रमण से मौत हो जाने से मृतक संख्या बढ़कर 7,614 हो गई.
