दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जून को हुए विवाद के 73 दिन बाद स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी का मामला फिर चर्चा में है. शुक्रवार, 4 सितंबर को सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचा और भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की. सीजेपी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने उन्हें 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है.
पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था
दरअसल, 23 जून को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट हुई थी. इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आया. पुलिस ने उस समय उन्हें हिरासत में लिया था और बाद में पूछताछ के लिए कानूनी नोटिस दिए जाने की बात सामने आई थी. यानी घटना के बाद मामला दर्ज हुआ, लेकिन स्वतंत्र की गिरफ्तारी नहीं हुई.
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वीडियो सामने आने के बाद गरमाया मामला
मामला फिर तब गरमा गया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने एक पोस्टकास्ट में संजय कुमार को चोट पहुंचाने की बात कही. वायरल पॉडकास्ट वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने जंतर-मंतर की घटना का जिक्र करते हुए दावा किया था कि उन्होंने निशु आजाद के पिता संजय कुमार के सिर पर वार किया था और इसके बावजूद उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा. इसी बयान के सामने आने के बाद सीजेपी प्रतिनिधिमंडल गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने पहुंचा.
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अब सीजेपी ने पुलिस से गिरफ्तारी के साथ एफआईआर में हत्या की कोशिश, एससी/एसटी एक्ट और धमकी से जुड़ी धाराएं जोड़ने की मांग की है. इसके साथ ही सीजेपी के मुताबिक पुलिस ने आश्वासन दिया है कि स्वंतत्र भारद्वाज को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा.
