नयी दिल्ली : दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोनावायरस महामारी के कारण सार्वजनिक रूप से गणेश चतुर्थी समारोह करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया कि गणेश चतुर्थी को लेकर किसी भी प्रकार के जुलूस या सभा की अनुमति नहीं होगी. दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से मंगलवार रात ऐसे उत्सवों पर प्रतिबंध को अधिसूचित करने का आदेश जारी किया गया.
गणेश चतुर्थी इस साल शुक्रवार, 10 सितंबर दिन शुक्रवार को मनायी जायेगी और 11 दिवसीय उत्सव का समापन 21 सितंबर को होगा. दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि भक्तों से घर पर गणेश चतुर्थी मनाने का आग्रह किया जाता है. गणेश चतुर्थी उत्सव इस महीने के दौरान, यानी सितंबर, 2021 के महीने में मनाया जायेगा और सभाओं पर मौजूदा प्रतिबंधों और कोविड-19 महामारी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रतिबंध लगाया गया है.
आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक रूप से गणेश चतुर्थी समारोह की अनुमति नहीं दी जा सकती है. सार्वजनिक स्थानों और लोगों को अपने घर पर ही त्योहार मनाने की सलाह दी जा सकती है. तदनुसार, सभी जिलाधिकारियों और दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि टेंट, पंडालों या सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की कोई मूर्ति स्थापित नहीं की जाए.
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि उन्हें किसी भी प्रकार के जुलूस को सख्ती से प्रतिबंधित करने और किसी भी समिति को अनुमति नहीं देने के लिए भी कहा गया है. लगभग 100 समितियां हर साल दिल्ली में गणेश चतुर्थी के सामुदायिक उत्सव के लिए अनुमति मांगती हैं, लेकिन हजारों लोग अपने घरों में इस उत्सव को मनाते हैं और वे दिल्ली में मूर्ति विसर्जन अनुष्ठान का करते हैं.
आदेश में कहा गया कि सभी जिला मजिस्ट्रेट और उनके समकक्ष जिला पुलिस उपायुक्त और सभी संबंधित अधिकारी इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे और क्षेत्र के पदाधिकारियों को इन निर्देशों के बारे में पत्र और भावना के साथ सख्ती से अनुपालन के लिए पर्याप्त रूप से लोगों को सूचित और संवेदनशील करेंगे. यह भी निर्देश दिया जाता है कि जिला मजिस्ट्रेट और जिला डीसीपी त्योहार से पहले धार्मिक / समुदाय के नेताओं / गणेश चतुर्थी उत्सव समितियों के साथ बैठकें आयोजित करेंगे.
इस बैठक के माध्यम से में कानून और व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए उनका सहयोग प्राप्त किया जा सके और दिशा-निर्देशों के अनुपालन के लिए जनता को भी संवेदनशील बनाया जा सके.
Posted By: Amlesh Nandan.
