Arvind Kejriwal: फिर जेल या बेल! सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर फैसला रखा सुरक्षित

Arvind Kejriwal: दिल्ली शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब इस मामले में 10 सितंबर को फैसला आएगा.

दिल्ली शराब नीति मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया है. सुप्रीम कोर्य अब 10 सितंबर को इस मामले पर फैसला सुनाएगा. जमानत पर जिरह के बीच एएसजी एसवी राजू ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत देता है, तो इससे दिल्ली हाई कोर्ट का मनोबल गिरेगा. एएसजी एसवी राजू ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल ने आरोप पत्र की प्रति संलग्न नहीं की है. उनकी जमानत याचिका चीजों को छिपाने के आधार पर खारिज की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को नोटिस इसलिए जारी नहीं किया, क्योंकि वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में थे.

सीबीआई ने ईडी मामले में जमानत के बाद मेरी ‘बीमा गिरफ्तारी’ की- सीएम केजरीवाल
इससे पहले दिल्ली के सीएम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में सीबीआई ने करीब दो साल तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया और ईडी की ओर से दर्ज धन शोधन मामले में जमानत मिलने के बाद 26 जून को उनकी बीमा गिरफ्तारी की है. केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ से कहा कि गिरफ्तारी से पहले सीबीआई ने केजरीवाल को कोई नोटिस नहीं दिया. उन्होंने कहा कि निचली अदालत ने गिरफ्तारी का एकतरफा आदेश पारित किया.

केजरीवाल ने अदालत में क्या दी दलील

  • जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत की पैरवी करते हुए सिंघवी ने कहा कि केजरीवाल एक संवैधानिक पदाधिकारी हैं और उनके भागने का कोई खतरा नहीं है.
  • सिंघवी ने यह भी कहा कि केजरीवाल का नाम सीबीआई की प्राथमिकी में नहीं है और इसके अलावा उनके भागने का खतरा भी नहीं है. इस कारण भी उनके जमानत में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.
  • सिंघवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत देते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री समाज के लिए खतरा नहीं हैं.
  • सिंघवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और एक अधीनस्थ अदालत ने इस मामले में पहले ही उन्हें जमानत दे दी है.

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Author: Pritish Sahay

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