धर्म के आधार पर मांगे गये आंकड़े पर बोले शाह - दिल्‍ली हिंसा में 52 भारतीयों की मौत, 371 दु‍कानें जलीं

लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली में हुए दंगे पर जवाब दिया. उन्होंने बताया कि कैसे वह लगातार दिल्ली के दंगे को नियंत्रण करने के लिए पुलिस के साथ काम कर रहे थे.

नयी दिल्ली : लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली में हुए दंगे पर जवाब दिया. उन्होंने बताया कि कैसे वह लगातार दिल्ली के दंगे को नियंत्रण करने के लिए पुलिस के साथ काम कर रहे थे. गृहमंत्री के जवाब के वक्त विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा और इस्तीफे की मांग करता रहा. कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया. गृह मंत्री अमित शाह ने संंसद में बताया कि दिल्‍ली हिंसा में 52 भारतीयों की मौत और 371 लोगों की दुकानें जलीं हैं. शाह ने धर्म के आधार पर मांगे गये आंकड़ें पर तंज करते हुए कहा, क्‍या संसद को भी धर्म के आधार पर बांटा जाएगा.

सदन में अमित शाह ने हेट स्पीच का भी जिक्र किया. शाह ने सोनिया गांधी के बयान का जिक्र किया कहा, आर- पार के लड़ाई का जिक्र किया. 14 दिसंबर को रैली में सोनिया गांधी के बयान का जिक्र है.

सदन में शाह ने वारिश पठान के उस बयान का जिक्र किया. 19 फरवरी को वारिश पठान का यह बयान आया और 24 को दंगे हुए. सोशल मीडिया में 60 अकाउंट ऐसे हैं जो कुछ दिनों पहले शुरु हुए और दंगे के बाद बंद हो गये, पुलिस उन्हें ढुढ़ कर निकालेगी. हमने अफवाहों से दूर रहने की अपील की है.

शाह ने लोकसभा में कहा, नरेंद्र मोदी की सरकार किसी को नहीं छोड़ेगी जिनका इन दंगों में हाथ रहा है. हमने 706 बयान दर्ज किये है जो वीडियो में बयान दर्ज कर रही है. दो एसआईटी बनायी है जो गंभीर मामलों की जांच करेगी. हमने आर्म्स एक्ट के तहत 49 मामले दर्ज किये है, कई हथियार बरामद किये है. शांति समिति की 650 बैठकें हो चुकी है. हमने इसमें षड़यंत्र का भी मामला दर्ज किया है. इतने कम समय में दंगा इतना नहीं फैल सकता इसलिए यह केस भी दर्ज किया है. गृहमंत्री ने कहा, कितने पैसे हवाला से आये इसकी भी जांच हो रही है. तीन लोगों ने दिल्ली के दंगों को फाइनेंस किया उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है.

दिल्ली में हुई हिंसा को राजनीतिक रंग देने की कोशिश हुई है. दंगो में मारे गये लोगों पर संवेदना व्यक्त करते हुए शाह ने कहा, दिल्ली पुलिस ने अच्छा काम किया है, हिस्सा रोकने की कोशिश की है. गृहमंत्री शाह ने कहा, दिल्ली पुलिस ने 36 घंटों में बड़ी हिंसा को रोकने का काम किया है. यह हमें स्वीकार करना पड़ेगा. दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किये यह गलत है दिल्ली पुलिस हिंसा को रोकने के लिए काम कर रही थी मैदान पर भी और उन पर आरोप लग रहे थे. जहां दंगा हुआ वह इलाका छोटा है बाकि जगहों पर दंगा ना रुके यह प्रयास कर रही थी.

अमित शाह ने दिल्ली दंगों के साथ अपने ऊपर लगे आरोपों पर भी सफाई दी. कहा, लोगों ने आरोप लगाया कि मैं ट्रंप के साथ था लेकिन जिस वक्त मैं गया उस वक्त दंगा नहीं हुआ था. ट्रंप मेरे संसदीय क्षेत्र में थे. लोगों ने आरोप लगाया कि दंगा हुआ और मैं ट्रंप के साथ तो मैं बता दूं मैं ताजमहल नहीं गया, शाम के वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भोजन की पार्टी दी गयी उसमें भी नहीं गया.

अमित शाह ने कहा, मैं लगातार दिल्ली पुलिस के साथ संपर्क में था. दंगों पर मेरी कड़ी नजर थी मेरे ही कहने पर अजीत डोभाल मैदान में उतरे थे. मैंने ही उनसे कहा था कि आप जाइये और दिल्ली पुलिस का मनोबल बढ़ाइये. दंगे क्यों हुए इसे समझने के लिए हमें इलाके को समझना होगा. यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है, संकरी गलियां हैं, दंगों का इन इलाकों में पुराना इतिहास रहा है. अपराधी तत्व के लोग भी इस इलाके में हैं यह बोर्डर से सटा हुआ क्षेत्र है.

दंगों के लिए भौगोलिक स्थिति भी जिम्मेदार है. कुल 2643 लोगों को हिरासत में लिया गया है. सीसीटीवी और वीडियो फुटेड की जांच हो रही है. हमने मीडिया से मदद मांगा है. अगर वीडियो हो तो भेजिये. दिल्ली की जनता ने हजारों की संख्या में वीडियो भेजा है. हमने लोगों की पहचान की है औऱ 40 टीम बनायी है जो लगातार लोगों की गिरफ्तारी कर रही है.

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Author: PankajKumar Pathak

Published by: Prabhat Khabar

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